सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल के बाल साहित्यकार सुंदरनगर निवासी पवन चौहान के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उनकी दो बाल कहानियों को सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों के आगामी शैक्षिक सत्र (2025-26) के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। दूसरी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी इन कहानियों को अतिरिक्त पठन सामग्री के रूप में पढ़ेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार की गई पुस्तक शृंखला आनंदी कहानी संचय में उनकी रचनाओं को चुना गया है। इसमें विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास यानी भाषा कौशल के साथ मूल्यबोध, संस्कार, देशप्रेम, भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं, जेंडर समानता और पर्यावरणीय चेतना को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री शामिल की गई है।
पुस्तक शृंखला आनंदी कहानी संचय के अंतर्गत कक्षा दूसरी में पवन चौहान की कहानी बाय चींटियों अच्छी आदत और कक्षा पांचवीं में कृपया रुक जाओ शामिल की गई है, जो खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़े मूल्यों पर आधारित है। इन पुस्तकों का संकलन और संपादन भाषाविद्ए वं बाल साहित्यकार गुरप्रीत शर्मा ने किया है, जबकि वोल्ट की पाठ्यपुस्तक शृंखला के माध्यम से इन्हें देशभर के विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा।
वर्तमान में हिंदी प्रवक्ता के रूप में कार्यरत पवन चौहान की अब तक 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी रचनाएं इससे पहले भी केरल और महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों सहित कई सरकारी व निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा रही हैं। विशेष बात यह है कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला में उनके बाल साहित्य पर शोध भी किया जा चुका है।