डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी जाएगी मुख्यालय
बाईपास बनने से पंडोह बाजार में यातायात दबाव होगा कम
विकास की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर प्रस्तावित पंडोह बाईपास के निर्माण की दिशा में अहम प्रगति हुई है। परियोजना की अलाइनमेंट को केंद्रीय परिवहन एवं भूतल मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद अब एफसीए और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगामी चरण में परियोजना की डीपीआर तैयार कर मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। बाईपास बनने के बाद पंडोह बाजार से गुजरने वाले यातायात से राहत मिलने की उम्मीद है।
पंडोह-टकोली बाईपास परियोजना के तहत प्रस्तावित यह बाईपास करीब पौने चार किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना में आने-जाने के लिए 900-900 मीटर लंबी दो अलग-अलग टनलें बनाई जाएंगी। इसके अलावा मार्ग में दो पुलों का भी निर्माण प्रस्तावित है। नई अलाइनमेंट के अनुसार बाईपास जवाहर नवोदय विद्यालय के पास से होकर गुजरेगा और सामने वाली पहाड़ी से टनल के माध्यम से कैंची मोड़ के पास निकलेगा। ट्विन ट्यूब टनल बनने से वाहन पंडोह बांध से होकर नहीं गुजरेंगे। इससे बांध की सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
मौजूदा समय में किरतपुर-मनाली फोरलेन का यातायात पंडोह बाजार और पंडोह बांध से होकर गुजरता है, जिससे अक्सर जाम और यातायात संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। बाईपास बनने के बाद वाहन सीधे टनल के माध्यम से कैंची मोड़ के पास निकलेंगे, जिससे बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होगा और यातायात सुचारू होगा।
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अलाइनमेंट मेंं बदलाव न होता तो धरातल पर होता प्रोजेक्ट
पंडोह बाईपास परियोजना के अलाइनमेंट में बदलाव के कारण इसमें बड़ी देरी हुई है। बीबीएमबी प्रबंधन ने पंडोह डैम का हवाला देते हुए अलाइनमेंट में आपत्ति जताई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए इसमें बदलाव किया गया। इसी के चलते अब कुछ और भूमि भी अधिग्रहीत होनी है। जबकि पहले अलाइनमेंट के अनुसार भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। नई भूमि के लिए फिर से नई प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है।
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पंडोह बाईपास की अलाइनमेंट को मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है। नियमानुसार प्रक्रिया जारी है। पहले से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हो चुकी है। अलाइनमेंट में बदलाव के कारण कुछ और भूमि अधिग्रहीत होगी। इसके लिए अब एफसीए और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। -वरुण चारी, परियोजना निदेशक, पीआईयू मंडी एनएचएआई