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Mandi News: ओपीडी से निराश लौटे मरीज, नहीं मिला उपचार

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क्षेत्रीय अस्पताल की आपातकालीन ओपीडी में उपचार के लिए जुटी मरीजों की भीड़। संवाद
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मंडी। 108 और 102 एंबुलेंस चालक एवं कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। चिकित्सक राज्य मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन का समर्थन करते हुए शुक्रवार रात से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। शनिवार सुबह क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों के ओपीडी में न बैठने से मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ा। केवल आपातकालीन ओपीडी में ही मरीजों की जांच की गई।
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आपातकाल में एमसीएच (मातृ शिशु अस्पताल) पहुंच रही गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका सेवारत रहीं। अन्य सभी तरह की ओपीडी पूर्ण रूप से बंद रही। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल ने भी मर्ज बढ़ाया। वार्डों में उपचाराधीन मरीजों की सुबह चिकित्सकों ने राउंड कर जांच की। इसके बाद नर्सिंग स्टॉफ ने मोर्चा संभाला।

स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल मंडी। शनिवार : पूर्वाह्न 11:45 बजे। पर्ची काउंटर पर केवल आपातकालीन मरीजों की ही पर्ची बनी। सामान्य उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। 108 और 102 एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से प्रसव के बाद घर लौटने वाली प्रसुताओं के परिजनों को निजी वाहनों पर हजारों रुपये खर्च कर सुविधा लेने को मजबूर होना पड़ा। दोपहर 12:00 बजे तक आपातकालीन ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ जुटी रही। एकमात्र चिकित्सक मरीजों की जांच कर रही थीं। अस्पताल में मरहम पट्टी, ऑर्थो में प्लास्टर, इंजेक्शन, ईसीजी व फिजियोथैरेपी सुविधा भी जारी रही।
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दोपहर 12:15 बजे। अस्पताल की प्रयोगशाला में मरीजों के सैंपल की जांच कर कर्मचारी रिपोर्ट बनाते नजर आए। क्रस्ना लैब में नियमित रूप से मरीजों के टेस्ट जारी रहे। एक्सरे और सीटी स्कैन सुविधा भी सामान्य रूप से जारी रही।

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क्या बोले लोग
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में सभी चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में मेडिकल बिल पास नहीं हो पाया है। पता नहीं हड़ताल कब तक चलेगी। -दया राम निवासी कोटली
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पत्नी का प्रसव होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। निशुल्क 102 एंबुलेंस के बजाय दो हजार रुपये खर्च कर निजी टैक्सी से जाना पड़ रहा है।- जितेंद्र कुमार निवासी रियागड़ी
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भतीजे के चेकअप के लिए अस्पताल आई हूं, लेकिन ओपीडी बंद है। अब निजी अस्पताल ही जाना पड़ेगा। -शिवानी, निवासी धर्मपुर
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घर पर गिरने से पैर में फ्रेक्चर होने का अंदेशा है। ऑर्थो ओपीडी में जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन पता चला कि आज सभी डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब आपातकाल में दिखाना पड़ेगा। -रमेश चंद शर्मा, निवासी खलियार
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क्षेत्रीय अस्पताल की आपातकालीन ओपीडी में उपचार के लिए जुटी मरीजों की भीड़। संवाद

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