क्षेत्रीय अस्पताल मंडी की फार्मेसी में दवाई का उपलब्ध नहीं स्टॉक
मरीज बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर
निशुल्क दवाई न मिलने पर बाजार से महंगे दाम पर लेनी पड़ रही
अस्पताल प्रबंधन की लेटलतीफी मरीजों पर बढ़ रही भारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल की फार्मेसी में पिछले करीब पांच माह से ब्लड प्रेशर (बीपी) की दवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निशुल्क दवा न मिलने से मरीजों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्था और देरी के कारण मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में प्रतिदिन लगभग 1200 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे मरीज शामिल हैं, जिन्हें चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से बीपी की दवाएं लिखी जाती हैं। हालांकि, निशुल्क दवा लेने के लिए फार्मेसी पहुंचने पर उन्हें दवा उपलब्ध न होने की जानकारी देकर वापस भेज दिया जाता है। पंडोह क्षेत्र के बाखली गांव से दवा लेने पहुंचीं कमला देवी और मीरा देवी, जेल रोड मंडी के जितेंद्र महाजन तथा कटिंडी के सोमनाथ सहित कई मरीजों ने बताया कि पिछले करीब पांच माह से उन्हें अस्पताल की फार्मेसी से बीपी की दवा नहीं मिल रही है। कर्मचारियों द्वारा हर बार दवा स्टॉक में न होने की बात कही जाती है।
कमला देवी ने बताया कि वह अपनी एक रिश्तेदार के लिए बीपी की दवा लेने अस्पताल आई थीं, लेकिन उन्हें भी दवा उपलब्ध नहीं करवाई गई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दवा न मिलने के कारण मरीजों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस संबंध में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा आवश्यक दवाओं की मांग भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बुधवार तक सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल में पहुंच जाने की उम्मीद है।