लडभड़ोल (मंडी)। ग्राम पंचायत लांगणा में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। सात माह पहले डॉक्टर का तबादला होने से जनता को छोटे-मोटे इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर जोगिंद्रनगर या धर्मपुर जाना पड़ रहा है। लांगणा पीएचसी क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। यह केंद्र न केवल लांगणा गांव, बल्कि आसपास की कई पंचायतों और छोटे गांवों के लोगों के लिए स्वास्थ्य का एकमात्र सहारा है। पीएचसी में लगभग 20 ओपीडी दर्ज की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि सात महीने पहले यहां कार्यरत डॉक्टर का तबादला हो गया था। तब से लेकर आज तक इस पद पर किसी नए डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है। डॉक्टर न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह ठाकुर, संजय बिष्ट, जीवन ठाकुर, मंजीत सिंह, रमन शर्मा, सुरेश कुमार और राजकुमार ने बताया कि सर्दी-खांसी, बुखार या सामान्य चोट लगने जैसी समस्याओं के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर स्थित बड़े अस्पतालों या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति विकट है। उन्हें यात्रा के खर्च के साथ-साथ निजी डॉक्टरों की महंगी फीस वहन करनी पड़ रही है। कई बार तो गंभीर मामलों में समय पर उपचार न मिल पाने के कारण मरीजों की जान पर भी बन आती है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल लांगणा पीएचसी में डॉक्टर की नियुक्ति करने की मांग की है।
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खाली पड़े पद के बारे में सरकार और उच्च अधिकारियों को हर महीने अवगत करवा दिया जाता है। शीघ्र ही पीएचसी लांगणा में डॉक्टर की व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी।
-डॉ. दीपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी, मंडी