जोगिंद्रनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में लेप्रोस्क्रोपिक सर्जरी की सुविधा न मिलने से मरीज परेशान हो रहे हैं। पथरी के ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को मंडी और कांगड़ा के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में शल्य विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के बावजूद आधुनिक मशीनरी की दरकार बनी हुई है। पथरी के मरीजों के अलावा ऑपरेशन से जुड़े अन्य मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में प्रतिदिन पथरी के पांच से सात मरीज पहुंचते हैं। इन्हें दवा देकर घर भेजा जा रहा है। लेप्रोस्कोपिक सुविधा से मरीजों को उपचार मिलने से उन्हें दो दिन में ही छुट्टी मिल जाती है। संक्रमण का खतरा भी बेहद कम रहता है।
जोगिंद्रनगर अस्पताल के एसएमओ डाॅ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि अस्पताल में आधुनिक संसाधनों के विस्तार के प्रयास जारी हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र भारद्वाज कहा कि मंडी जिले के सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए वह प्रयासरत हैं। उधर नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में तैनात शल्य विशेषज्ञ डॉ. अभिनव ने बताया कि निर्जलाकरण के चलते पत्थरी के मरीजाें में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
...
ऑपरेशन थियेटर में उच्च क्वालिटी के उपकरणों की दरकार
अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में उच्च गुणवत्ता के उपकरणों की दरकार है। ऑपरेशन के दौरान मॉनिटरों की कमी का खामियाजा भी मरीज भुगत रहे हैं। गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर, आईसीयू जैसे संसाधनों का अभाव है।