शरद नवरात्र के पहले दिन दौड़ीं चार रेलगाड़ियां
164 किलोमीटर की यात्रा फिर हुई शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक पर दो माह बाद रेलगाड़ियों की आवाजाही बहाल होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है। रविवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेलगाड़ियों का संचालन शुरू होने से सैकड़ों यात्रियों को सस्ते और सुहाने सफर की सौगात मिली। अब यात्री महज 70 रुपये में 164 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगे। वहीं, जोगिंद्रनगर से कांगड़ा मंदिर तक 80 किलोमीटर की यात्रा के लिए केवल 40 रुपये किराया देना होगा।
रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे रेलगाड़ी के जोगिंद्रनगर रेलवे स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों में उत्साह देखने को मिला। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर बैजनाथ पपरोला लौटने वाली रेलगाड़ी में भी यात्रियों की चहल-पहल रही। बैजनाथ पपरोला से ज्वालामुखी रोड और पठानकोट तक रेलगाड़ियों का संचालन शुरू होने से लंबे समय से इंतजार कर रहे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
जोगिंद्रनगर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विजय चौधरी ने बताया कि दो माह के लंबे अंतराल के बाद पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेल सेवा बहाल होने से यात्रियों को किफायती सफर का लाभ मिलेगा। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के डीआरएम विवेक कुमार ने कहा कि यात्रियों की संख्या के अनुरूप रेलगाड़ियों का अधिकतम संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, बैजनाथ पपरोला के स्टेशन अधीक्षक राजेश भारद्वाज ने भी रेल सेवा बहाल होने पर खुशी जताई।
बस के मुकाबले रेल का सफर काफी सस्ता
रेल सेवा बहाल होने से यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा। जोगिंद्रनगर से बैजनाथ पपरोला तक रेल किराया महज 30 रुपये, कांगड़ा मंदिर तक 40 रुपये और पठानकोट तक 70 रुपये है। इसके मुकाबले बस से कांगड़ा मंदिर पहुंचने के लिए करीब 180 रुपये, जबकि पठानकोट तक सफर करने के लिए 392 रुपये किराया चुकाना पड़ता है। ऐसे में रेल सेवा बहाल होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ कम खर्च में लंबी दूरी तय करने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। सस्ता किराया और प्राकृतिक नजारों के बीच सफर का अवसर मिलने से ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।