लंबी दूरी के रूटों में दौड़ रही माइलेज पूरी कर चुकी बसें
तकनीकी खामियों से आधे सफर में हांफ रही है बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में परिवहन निगम की बसों में सुरक्षित सफर के दावे फिर खोखले साबित हो रहे हैं। आठ सौ से एक हजार किलोमीटर तक चलने वाले लंबी दूरी के रूटों पर दौड़ रही खस्ताहाल बसों में यात्रा करना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पर्यटन नगरी मनाली से अमृतसर तक करीब 440 किलोमीटर के सफर के लिए निगम द्वारा जिन बसों का संचालन किया जा रहा है, उनकी सीटें बेहद जर्जर हैं, लाइटें टूटी-फूटी हैं और टायरों की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है।
माइलेज पूरी कर चुकी बसों को लगातार चलाकर यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही है। यात्रियों में शामिल विनोद कुमार, कृष्णा, कविता और मुनीष का कहना है कि सीटों के स्पंज तक उखड़ चुके हैं, जिससे यात्रा के दौरान शरीर के कई हिस्सों में दर्द होने लगता है। इसी तरह खस्ताहाल बस में सफर कर रहे दिनेश, महेश और सुनीता ने बताया कि किराये में बढ़ोतरी के बावजूद बसों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि निगम यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता कर रहा है। लचर व्यवस्था का खामियाजा हर दिन पर्यटक भी भुगत रहे हैं।
परिवहन निगम की इन जर्जर बसों में वायरिंग भी पूरी तरह खराब हो चुकी है। बस चालक के स्टीयरिंग के पास तारों का जंजाल किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मशाला डिविजन के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा का कहना है कि नई बसों को शामिल करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। जिन पर्यटन रूटों पर पुरानी बसें चलाई जा रही हैं, वहां सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।