टेंडर प्रक्रिया ठप होने से बढ़ी चिंता, सामाजिक कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग से मांगी अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। धर्मपुर और सरकाघाट उपमंडलों को जोड़ने वाले पपलोग पुल की मरम्मत का कार्य आचार संहिता लागू होने के कारण फिलहाल अटक गया है। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बरसात से पहले इसकी मरम्मत या इसके समानांतर नए बैली ब्रिज के निर्माण की मांग तेज कर दी है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व प्रत्याशी रमेश चंद भारद्वाज ने बताया कि लोक निर्माण विभाग धर्मपुर के अधिशाषी अभियंता से बातचीत में जानकारी मिली कि पुल की मरम्मत के लिए पहले जारी किए गए टेंडर में किसी भी ठेकेदार ने भाग नहीं लिया। इसके बाद दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जानी थी, लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के कारण आगामी लगभग 15 दिन तक नया टेंडर जारी करना संभव नहीं है।
भारद्वाज ने इस मामले को लेकर उपमंडल अधिकारी (ना.) सरकाघाट और धर्मपुर के माध्यम से राज्य चुनाव आयोग से विशेष अनुमति देने की मांग की है, ताकि लोक निर्माण विभाग दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर सके। उन्होंने बताया कि पपलोग पुल की नींव वर्तमान जलस्तर से ऊपर तक दिखाई दे रही है, जिससे इसकी संरचनात्मक मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला 14 फरवरी 2026 को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और विभाग को ऑनलाइन शिकायत व मीडिया के माध्यम से भी अवगत कराया जा चुका है।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तरह भारी बारिश हुई तो पुल को गंभीर नुकसान हो सकता है। ऐसे में बरसात से पहले मरम्मत या समानांतर बैली ब्रिज का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने धर्मपुर और सरकाघाट के विधायकों से भी इस मुद्दे पर प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की अपील की है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अंशुमन सोनी ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में किसी भी ठेकेदार ने भाग नहीं लिया था, इसलिए इसे पुनः शुरू किया जा रहा है।