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हिमाचल प्रदेश: आपदा आई, आश्वासन मिला और गुजर गए तीन साल; पंडोह में सुरक्षा दीवार अब भी सपना

Wed, 09 Sep 2026 11:34 AM IST
Ankesh Dogra सौरभ कुमार, पंडोह (मंडी)।

सार

मंडी के पंडोह बाजार में बाढ़ का खतरा आज भी बरकरार है। वर्ष 2023 की भीषण आपदा के बाद ब्यास नदी किनारे सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन साल बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। 2025 में बांध से पानी छोड़े जाने के महज 15 मिनट में बाजार के निचले हिस्से तक पानी पहुंचने से लोगों को रात में घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। वर्ष 2026 में भी स्थानीय लोग बाढ़ से बचाव के लिए मुख्य रूप से सायरन व्यवस्था पर निर्भर हैं।
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पंडोह बाजार के समीप से गुजरती ब्यास, जहां सुरक्षा दीवार लगाने के वादे जनता से किए गए थे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ब्यास नदी के किनारे बसे पंडोह बाजार के लोगों के लिए बाढ़ का खतरा भले ही फिलहाल शांत नजर आ रहा हो, लेकिन वर्ष 2023 की आपदा की यादें अभी भी उन्हें डराती हैं। उस भीषण आपदा में ब्यास नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया था और पंडोह बाजार का निचला हिस्सा पानी में डूब गया था। जान बचाने के लिए लोगों को घर और दुकानें छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा था।

आपदा के बाद पंडोह पहुंचे मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया था कि हालात सामान्य होने के बाद ब्यास नदी किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाया जाएगा। उद्देश्य था कि भविष्य में नदी का पानी बाजार की ओर न पहुंच सके और लोगों व दुकानों को बाढ़ के खतरे से बचाया जा सके। लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी यह आश्वासन जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार उनके लिए सिर्फ एक वादा बनकर रह गई है। वर्ष 2026 में भी संभावित खतरे के बीच पंडोह बाजार के लोगों को सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से सायरन व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्हें चिंता है कि यदि अचानक ब्यास का जलस्तर बढ़ा तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिल पाएगा या नहीं।

वर्ष 2025 में भी पंडोह के लोगों ने बढ़ते जलस्तर का खतरा झेला था। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात करीब 12 बजे बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महज 15 मिनट में पानी बाजार के निचले हिस्से तक पहुंच गया था। अचानक बढ़े खतरे के चलते कई लोग रातभर घरों से बाहर रहने को मजबूर हुए। लोगों ने जरूरी सामान उठाया और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

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स्थानीय निवासी रमनदीप, महिंदर पाल, मेहुल और जितेंद्र कुमार का कहना है कि 2023 की आपदा के बाद सुरक्षा दीवार का आश्वासन मिलने से उन्हें उम्मीद जगी थी कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी इंतजाम होंगे। उनका आरोप है कि आज तक इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ है।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सुरक्षा दीवार को लेकर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी अब भी रिपोर्ट लेने की बात कह रहे हैं। बीबीएमबी से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक मामले में रिपोर्ट लेने की बात सामने आ रही है, लेकिन धरातल पर निर्माण कब शुरू होगा और इसकी प्रक्रिया क्या होगी, इसका स्पष्ट जवाब अभी लोगों को नहीं मिल पाया है।

बीबीएमबी के अधिकारी केएस ठाकुर, एसडीएम सदर चंद्र प्रकाश और बीडीओ सदर सुरेंद्र कुमार ने सुरक्षा दीवार के संबंध में रिपोर्ट लेने की बात कही है। अब पंडोह के लोगों को इंतजार है कि रिपोर्ट और आश्वासन से आगे बढ़कर सुरक्षा दीवार का काम वास्तव में कब शुरू होता है।

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नेपाल जैसी आपदा की खबरों से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में नेपाल समेत अन्य स्थानों पर बाढ़ से हुए नुकसान की खबरों ने पंडोह के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़े और वर्ष 2023 जैसी स्थिति दोबारा आती है तो भारी नुकसान हो सकता है। वर्ष 2026 में स्थिति सामान्य रही है, लेकिन ब्यास नदी बाजार के बिल्कुल पास बहती है। सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण निचला बाजार आज भी बाढ़ के खतरे की जद में है।
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