स्थानीय निवासी रमनदीप, महिंदर पाल, मेहुल और जितेंद्र कुमार का कहना है कि 2023 की आपदा के बाद सुरक्षा दीवार का आश्वासन मिलने से उन्हें उम्मीद जगी थी कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी इंतजाम होंगे। उनका आरोप है कि आज तक इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सुरक्षा दीवार को लेकर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी अब भी रिपोर्ट लेने की बात कह रहे हैं। बीबीएमबी से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक मामले में रिपोर्ट लेने की बात सामने आ रही है, लेकिन धरातल पर निर्माण कब शुरू होगा और इसकी प्रक्रिया क्या होगी, इसका स्पष्ट जवाब अभी लोगों को नहीं मिल पाया है।
बीबीएमबी के अधिकारी केएस ठाकुर, एसडीएम सदर चंद्र प्रकाश और बीडीओ सदर सुरेंद्र कुमार ने सुरक्षा दीवार के संबंध में रिपोर्ट लेने की बात कही है। अब पंडोह के लोगों को इंतजार है कि रिपोर्ट और आश्वासन से आगे बढ़कर सुरक्षा दीवार का काम वास्तव में कब शुरू होता है।