पंडोह (मंडी)। पंडोह स्थित बीबीएमबी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। वर्ष 1965 में स्थापित यह अस्पताल क्षेत्र का सबसे पुराना और कभी सबसे भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र हुआ करता था लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि 20 बेड वाले इस अस्पताल में इलाज के नाम पर सिर्फ प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) ही उपलब्ध है।
अस्पताल में वर्तमान में केवल 1 डॉक्टर, 1 फार्मासिस्ट और 2 स्टाफ नर्स तैनात हैं। किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को मजबूरन नेरचौक मेडिकल कॉलेज या मंडी जोनल अस्पताल रेफर किया जाता है जो कई किलोमीटर दूर हैं। आपातकाल में यह दूरी कई बार मरीजों की जान पर भारी पड़ जाती है।
पंडोह क्षेत्र चार विधानसभा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र होने के बावजूद यहां चिकित्सा सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय इस अस्पताल में हर तरह की बुनियादी सुविधाएं और इलाज उपलब्ध थे लेकिन धीरे-धीरे सुविधाएं खत्म होती चली गईं। आज आलम यह है कि लोग अस्पताल से किनारा करने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बीबीएमबी प्रबंधन इस अस्पताल की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा। न तो आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही डॉक्टरों व स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि अस्पताल को फिर से पूरी तरह से सुविधायुक्त अस्पताल बनाया जाए।
उधर, बीबीएमबी के वरिष्ठ अधीक्षण अभियंता केएस ठाकुर ने कहा कि बजट के हिसाब से ही अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। यह अस्पताल एक डिस्पेंसरी की तरह है, जहां बीबीएमबी के कर्मचारियों के साथ आसपास के ग्रामीणों को भी चिकित्सा सुविधा दी जाती है।
बीबीएमबी परियोजना से करोड़ों रुपये की कमाई हो रही है। स्थानीय लोगों के लिए बीबीएमबी अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
-गीता देवी, प्रधान ग्राम पंचायत पंडोह
बीबीएमबी अस्पताल में लंबे समय से केवल प्राथमिक उपचार की ही सुविधा उपलब्ध है। किसी भी तरह की आपात स्थिति में मरीजों को मंडी अस्पताल जाना पड़ता है। पंडोह बीबीएमबी अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
-रोहित कुमार, स्थानीय निवासी