प्रदेश की सत्ता का केंद्र बिंदू जिला मंडी में इस बार जिला परिषद के चुनाव में भाजपा का ग्राफ गिरा है और कांग्रेस को बढ़त मिली है। 36 सदस्यीय जिला परिषद में 17 वार्डों से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है। वहीं भाजपा ने 13, माकपा ने दो और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार वार्डों से जीत हासिल की है। मौजूदा जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा था। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के चुनाव क्षेत्र द्रंग के चार जिला परिषद वार्डों में दो पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे।
आबकारी एवं कराधान मंत्री के चुनाव क्षेत्र बल्ह विधानसभा क्षेत्र की तीनों जिला परिषद वार्डों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने भगवा का परचम लहराया। जिला परिषद मंडी के 36 वार्डों के चुनाव परिणामों से भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को झटका लगा है। पिछले चुनाव में 22 वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल कर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया था। वहीं 12 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी और दो वार्डों वामपंथियों ने जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार जिला परिषद के चुनाव में कांग्रेस को बढ़त मिली है।
17 वार्डों से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार चुनाव जीते हैं और भाजपा का ग्राफ कम हुआ है। पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा के नौ वार्ड कम हुए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक जय राम ठाकुर के चुनाव क्षेत्र सराज से जिला परिषद के चार वार्डों में भाजपा को एक वार्ड से जीत मिली है।
जबकि दो वार्डों से कांग्रेस और एक वार्ड से माकपा समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के तीन जिप वार्डों में एक-एक पर भाजपा और कांग्रेस समर्थित विजयी रहे। सज्याओपिपलू वार्ड में माकपा प्रत्याशी ने अपना परचम लहराया। उन्होंने 1748 मतों से विधायक महेंद्र सिंह की बेटी बंदना गुलेरिया को पराजित किया।
जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के तीन वार्डों में दो पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे। भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर के बेटे सोमेंद्र ठाकुर 30 मतों से चुनाव हारे गए। जबकि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जीवन लाल ने 7629 मत लेकर जीत हासिल की है।