पंचायत चुनाव में इस बार भी आधे से अधिक पदों पर महिलाओं को सरदारी होगी। प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में महिलाओं के पचास फीसदी से अधिक पद आरक्षित किए हैं। जिला मंडी में जिला परिषद, पंचायत समिति, पंचायत प्रधान व वार्ड पंच के कुल 3749 पदों में से 2116 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। जिला परिषद, बीडीसी, प्रधानी और वार्ड पंच पद पर महिला उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार में ताकत झोंक दी है।
पंचायती राज संस्था में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, पंचायत प्रधान व वार्ड पंच बनने के लिए महिलाओं ने चुनाव जंग में मोरचा संभाल लिया है। आरक्षित पदों पर महिला प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार है। जिला परिषद मंडी के 36 वार्डों में से 16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है।
जबकि पंचायत समिति के 241 वार्डों में 123 वार्ड महिलाओं के आरक्षित है। 469 पंचायतों में 237 पंचायतों में प्रधानी के लिए महिलाओं के बीच जंग है। जिला के दस विकास खंडों के 3003 के वार्डों में 1738 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है। जिला परिषद, पंचायत समिति, पंचायत प्रधान व वार्ड पंच की कुर्सी के लिए महिला उम्मीदवारों चुनाव प्रचार में ताकत झोंक दी है।
पंचायत चुनाव में पचास फीसदी से अधिक आरक्षित मिलने से इस बार कई महिलाएं चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने को उतरी है। जिला परिषद के कई वार्डों मछें महिलाओं के बीच सीधा मुकाबला है। कई वार्ड में तीन से अधिक महिला उम्मीदवारों ने चुनाव ताल ठोकी है।
जिला परिषद के ओपन वार्ड से भी महिलाएं चुनाव मैदान में उतरी है। गोपालपुर विकास खंड के तहत ओपन जिप सज्याओपिपलू वार्ड से पूर्व मंत्री व विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया चुनाव में किस्मत आजमा रही है। जबकि महिला के लिए आरक्षित धन्यारा वार्ड से स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर चुनाव मैदान में खड़ी है।