प्रदेश में पंचायती राज संस्था के चुनावों के लिए प्रचार अभियान तेज हो गया है। वहीं चुनाव लड़ने के लिए पूर्व व वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए सरकार को लाखों रुपये का बकाया अदा करना पड़ा। विकास खंड चौंतड़ा की 40 पंचायतों के लगभग 50 से अधिक पूर्व व वर्तमान प्रतिनिधियों ने चुनाव लड़ने के लिए 5.70 लाख रुपये की रिकवरी जमा करवानी पड़ी।
चौंतड़ा खंड की 40 पंचायतों में यह रिकवरी सबसे अधिक राशि द्राहल पंचायत में पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों से हुई। जिसकी राशि 2.25 हजार रुपये है। इसके अतिरिक्त कथौण पंचायत में एक लाख 54 हजार रुपये की रिकवरी अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के सरकारी खजाने में जमा हुई है।
कुछेहड़ा पंचायत से 21 हजार रुपये, भडयाड़ा पंचायत से 15 हजार रुपये, कोलंग पंचायत से 22 हजार रुपये, द्रुब्बल पंचायत से 13 हजार रुपये, सिमस पंचायत से 10 हजार रुपये, खड़ीहार पंचायत से एक हजार रुपये, तलकेहड़ से छह हजार रुपये, बंदेहड़ से 22 हजार रुपये, रोपड़ी कलैहडू पंचायत से छह हजार रुपये, टिकरु पंचायत से 9300 रुपये, मटरु पंचायत से 13 हजार रुपये, सैंथल पंचायत से चार हजार रुपये और पिहड़ पंचायत से 10 हजार रुपये की राशि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों व प्रतिनिधियों को पंचायतों की विभिन्न पंचायती देय जो बकाया चल रहे थे, को सरकारी जमा करवानी पड़ी है।
चौंतड़ा खंड के पंचायत निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि लगभग पौने छह लाख रुपये सरकारी कोष में रिकवरी के रुप में जमा हुए हैं। जो एनओसी प्राप्त करने के लिए विभिन्न मदों के तहत पंचायतों का बकाया वर्तमान व पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों से जमा हुआ है। ऑडिट के दौरान रिकवरी निकाली जाती है।
जिससे जन प्रतिनिधियों द्वारा नहीं भरा जाता है और अन्य मदों का बकाया जैसे गृहकर व अन्य कर आदि जो भी लोगों द्वारा नहीं भरे जाते हैं जो भरे जाने आवश्यक होते हैं। जिसके कारण पंचायती राज संस्थाओं के खातों में देय बकाया निकाला जाता है। जिसके चलते चौंतड़ा खंड में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने से पूर्व से यह रिकवरी पंचायत सचिवों के माध्यम से की गई है। खंड चौंतड़ा की द्राहल व कथौण पंचायत में लाखों की रिकवरी हई है।