सुंदरनगर में राज्य स्तरीय देवता मेला में भाग लेने के लिए अपने भंडार से लाव लश्कर के साथ रवाना ह
सुंदरनगर (मंडी)। 13 अप्रैल से शुरू होने जा रहे पांच दिवसीय राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले में शामिल होने के लिए राज देवता श्री मूल माहूंनाग अपनी बखारी कोठी से लाव लश्कर के साथ रवाना हो गए हैं। अपनी कोठी से सुंदरनगर तक का 96 किलोमीटर का सफर देवता सात दिन में पूरा करेंगे।
मूल माहूंनाग मंदिर कमेटी के प्रधान संतराम चौहान ने बताया कि देवता इस वर्ष अपने नए रथ में लोगों को दर्शन देंगे। मूल माहूंनाग का शनिवार को रात्रि ठहराव माहूंनाग मंदिर के समीप है। रविवार को देवता पांगणा और उसके बाद निहरी, रोहांडा, घीड़ी, जयदेवी होते हुए 11 अप्रैल को सुंदरनगर शहर की सीमा के निकट चांबी पहुंचेंगे। यहां पहुंचने पर मेला कमेटी और सुकेत सर्व देवता कमेटी राज देवता का स्वागत 12 अप्रैल को करेगी।
राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला मूल माहूंनाग के आगमन के साथ ही शुरू होता है। इसके साथ ही अन्य प्रमुख देवताओं के आगमन को लेकर भी तिथियां जारी हो गई हैं। सुकेत सर्व देवता कमेटी के प्रधान अभिषेक सोनी ने बताया कि बड़े योगी जी सात, देव महासू बखरास, देवी नैना थला 9, देव बाला टिक्का मानगढ़ 10, बड़ा देव कमरुनाग, देवी कालका भनवाड़ 11, देव बाला टिक्का हलेल, सत बाडा देव भनवाड़, देव लटोगली, देवी कालिका धांरडा, देव बाला कामेश्वर मझरोट, देवी शीतला चांबी, देवी महाकाली कांगू, देवी जालपा भनवाड़ देव माहूंनाग जुगाहण, देवी संतोषी सहित देवी कोयला राजगढ़ 12 अप्रैल को और देव मांहूनाग टनुखरी 13 अप्रैल को मेले में शिरकत करने के लिए अपने भंडार से प्रस्थान करेंगे।