मंडी। जिले के सुंदरनगर में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने वर्ष 2018 में हुए सड़क हादसे के मामले में मृतक विनय मणियाल की माता सुलेखा देवी को 10.78 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित यह राशि अदा करने के आदेश दिए।
मामले के तथ्यों के अनुसार 22 जुलाई 2018 को भठेहर गली मोड़ तहसील निहरी (मंडी) के पास एक कार गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में कार में सवार विनय मणियाल (39) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वाहन को चालक जीवन कुमार चला रहा था, जो तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इस संबंध में बीएसएल कॉलोनी थाना सुंदरनगर में केस दर्ज हुआ था।
याचिका और पक्षकार मृतक की मां सुलेखा देवी, बहन पायल शर्मा और भाई परवीन कुमार ने 1.20 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगते हुए याचिका दाखिल की थी। याचिका में वाहन मालिक जयपाल निवासी यमुनानगर हरियाणा, चालक जीवन कुमार निवासी हैदराबाद और बीमा कंपनी को प्रतिवादी बनाया गया था।
ट्रिब्यूनल ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह माना कि हादसा चालक जीवन कुमार की लापरवाही से हुआ था। हालांकि मृतक की आय संबंधी दावे को साबित करने वाले ठोस दस्तावेज नहीं मिलने पर न्यायालय ने न्यूनतम वेतन आठ हजार रुपये प्रति माह मानते हुए आय का अनुमान लगाया और मुआवजा राशि तय की।
बीमा कंपनी ने दलील दी कि वाहन एक्ट ओनली पॉलिसी के तहत बीमित था, इसलिए यात्रियों का दावा देय नहीं है। परंतु ट्रिब्यूनल ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि एक्ट पॉलिसी और कांप्रेहेंसिव पॉलिसी में तीसरे पक्ष के दावे के लिए कोई अंतर नहीं है। ऐसे में बीमा कंपनी को मुआवजा अदा करना ही होगा।