मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में इस साल पहली बार 1500 से अधिक ओपीडी पंजीकरण दर्ज हुए हैं। अस्पताल में रोजाना 1000 से 1200 ओपीडी रहती है, लेकिन बीते मंगलवार को यह आंकड़ा 1500 पार कर गया। बीते मंगलवार को 1,529 ओपीडी पंजीकरण दर्ज हुए हैं।
मरीजों की भीड़ के चलते जोनल अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। मरीजों को बैठने के लिए बेंच और कुर्सियां कुर्सियां कम पड़ रही हैं। जमीन पर बैठकर ही घंटों ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। गर्मी के बीच मरीज अस्पताल में बेहाल हो रहे हैं।
वीरवार को जोनल अस्पताल की सामान्य, आपातकालीन, हड्डी रोग, शल्य रोग, नेत्र रोग, नाक-कान व गला रोग, महिला व बाल रोगियों की ओपीडी में मरीजों की भारी संख्या रही। गायनी व बाल रोग ओपीडी के बाहर मरीजों को बैठने के लिए कुर्सियां भी कम पड़ गई। मजबूरन लोगों को मरीजों के साथ जमीन पर बैठ कर इंतजार करना पड़ा। गायनी ओपीडी में एकमात्र महिला विशेषज्ञ ने रोगियों की जांच की। इमरजेंसी के चलते बाल रोग विशेषज्ञ को कुछ देर के लिए वार्ड में जाना पड़ा। इससे लोगों को अपने बच्चों के साथ कुछ देर इंतजार करना पड़ा। वहीं मेडिसिन ओपीडी में विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु ने मरीजों को उपचार दिया।
उधर, जोनल अस्पताल मंडी के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए अस्पताल प्रबंधन कृतसंकल्प है। भीड़ के चलते कुछ दिक्कतें पेश आ जाती हैं। ओपीडी में आ रहे सभी मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।