थुनाग (मंडी)। सराज में आई आपदा के आठवें दिन थुनाग से जंजैहली मार्ग अस्थायी तौर पर बहाल हो गया है। छोटे वाहन अब जंजैहली तक पहुंच सकेंगे। थुनाग से जंजैहली तक 14 किलोमीटर में पांच पुल बह गए हैं। लंबाथाच से पांडव शीला तक करीब 20 जगह सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। जिन जगहों पर पुल बह गए हैं, वहां गार्डर डाले गए हैं ताकि छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके।
इससे पहले थुनाग से जरोल तक सड़क मार्ग को अस्थायी तौर पर बहाल किया गया। पांडवशीला के पास मार्ग को बहाल करने का कार्य मंगलवार देर शाम तक युद्धस्तर पर किया गया। शाम सात बजे जंजैहली तक सड़क को अस्थायी तौर पर बहाल कर दिया। सड़क के बहाल होने से लोगों की जिंदगी थोड़ी पटरी पर लौटती नजर आने लगी है।
प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ अब स्थानीय किसान और बागवान अपनी फसल को बेच भी सकेंगे। थुनाग से जरोल तक सड़क बहाल होने पर मंगलवार को राहत सामग्री छोटे वाहनों में जरोल पहुंची। इससे थुनाग और लंबाथाच से किसान अपने फूलों की बिक्री कर पाए। यहां से जिपशोफिला, लिलियम और गलेड की लगभग 60 पेटियां बाहरी मंडियों को भेजी गईं।
उधर, अस्थायी तौर पर सड़कों की बहाली के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग का दल चिकित्सकों सहित महिधर, झुंडी, खुरारा, बिजवास गांवों में पहुंचा। यहां 150 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की और 49 लोगों को आवश्यक दवाइयां प्रदान कीं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की 10 टीमें विभिन्न गांवों में पहुंचकर 1341 लोगों की जांच कर चुकी हैं।
बेहद चुनौतीपूर्ण था काम, 15-15 मीटर कट गई है कई जगह सड़क
थुनाग-जंजैहली सड़क को बहाल करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। लंबाथाच से पांडव शिला तक नौ किलोमीटर में पांच पुल बह गए हैं। कई जगह नालों में आए तेज बहाव से 15-15 मीटर तक सड़क गायब हो गई थी। पांच जगह बेली ब्रिज की नौबत आई। समय ज्यादा लगने के कारण फिलहाल वहां पानी के बड़े पाइप (गार्डर) डालकर पानी की क्रॉसिंग की गई है। जहां सड़क 15-15 मीटर तक बह गई है वहां भी गार्डर की मदद से सड़क छोटे वाहनों के लिए तैयार कर दी है। सड़क की बहाली को लेकर दो ऑपरेटर और दर्जनों कर्मचारी डटे हुए हैं। पूरी तरह सड़क को बहाल करने में अभी समय लग सकता है।
-रोशन लाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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