कोलडैम क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करेगा आईआईटी बॉम्बे, एनटीपीसी ने शुरू की संयुक्त शोध पहल
कोलडैम क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के प्रभावों का अब वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए एनटीपीसी कोलडैम ने आईआईटी बॉम्बे के साथ संयुक्त शोध पहल शुरू की है। वहीं, मंडी और सोलन जिलों में प्रस्तावित दो पम्प्ड स्टोरेज पावर प्लांट (पीएसपी) परियोजनाओं की प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट भी मंजूरी के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को भेज दी गई है।
सुंदरनगर में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख एस.एस. राव ने बताया कि एनटीपीसी का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास को भी समान महत्व देना है। इसी उद्देश्य से आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से कोलडैम क्षेत्र में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस शोध के निष्कर्ष भविष्य की पर्यावरणीय नीतियों और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने बताया कि मंडी और सोलन जिलों में प्रस्तावित दो पम्प्ड स्टोरेज पावर प्लांट की प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ बिजली भंडारण क्षमता भी मजबूत होगी।
40 गांवों में 5.5 करोड़ रुपये के सीएसआर कार्य
एस.एस. राव ने बताया कि कोलडैम परियोजना से प्रभावित 40 गांवों में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 5.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। इस दौरान वर्ष 2025-26 में किए गए सीएसआर कार्यों पर आधारित पत्रिका 'सामाजिक सरोकार' का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में एचआर प्रमुख मंगला हरिंदरन, डिप्टी जनरल मैनेजर (सीएसआर) अंजुला अग्रवाल, एजीएम योगेश शर्मा, कुमार स्वाधीन, वरिष्ठ प्रबंधक प्रणव डोगरा, नितिन और जनसंपर्क अधिकारी श्वेता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।