सुंदरनगर (मंडी)। आपदा के बाद थुनाग वानिकी कॉलेज को सुंदरनगर के एमएलएसएम कॉलेज परिसर में शिफ्ट करने की तैयारी है। मगर एमएलएसएम प्रबंधन ने नए कोर्स शुरू करने का हवाला देते हुए कैंपस देने में आपत्ति जताई है। वानिकी कॉलेज प्रशासन ने स्थिति की रिपोर्ट डीसी मंडी के माध्यम से सरकार को भेज दी है।
अब सरकार और नौणी विश्वविद्यालय से आदेश आने के बाद ही वानिकी कॉलेज का नया सत्र शुरू हो सकेगा। कॉलेज में 5 अगस्त से नया सत्र प्रस्तावित है, जिसमें प्रदेशभर के 300 विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे। सरकार को भेजी रिपोर्ट में कॉलेज प्रशासन ने कहा कि थुनाग में अकादमिक कैंपस सुरक्षित है, लेकिन 300 प्रशिक्षुओं और 70 स्टाफ के रहने की कोई व्यवस्था नहीं है।
न तो कॉलेज में हॉस्टल है और न ही थुनाग में बाहर पीजी या किराये के मकान उपलब्ध हैं। आपदा से प्रभावित स्थानीय लोग पहले से ही टेंटों और सरायों में रह रहे हैं, जिससे कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों के ठहरने की समस्या गंभीर बनी हुई है। कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि सरकार 30 जुलाई से पहले परिसर की व्यवस्था कर देगी।
बता दें कि आपदा के बाद थुनाग वानिकी कॉलेज को सुंदरनगर शिफ्ट करने के लिए सरकार ने कमेटी गठित की है। कमेटी ने सुंदरनगर के एमएलएसएम कॉलेज परिसर को कक्षाओं के संचालन के लिए उपयुक्त पाया है। मगर सुंदरनगर कॉलेज प्रशासन ने कैंपस देने में आपत्ति जताई है। ऐसे में नए सत्र में कक्षाएं कहां और कैसे शुरू हो पाएंगी, यह तय करना कॉलेज प्रशासन के लिए गले की फांस बना हुआ है।
कमेटी ने एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर के कैंपस को निरीक्षण कर योग्य पाया है। सुंदरनगर कॉलेज प्रशासन कैंपस को देने में आपत्ति कर रहा है। रिपोर्ट उपायुक्त के माध्यम से भेज दी है। अब सरकार और नौणी विश्वविद्यालय से नए सत्र शुरू करने आदेश मिलते हैं, उसी समय सत्र शुरू हो पाएगा। थुनाग में अकादमिक कैंपस है, लेकिन 300 प्रशिक्षुओं और 70 स्टाफ को रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
-डॉ. प्रेम शर्मा, डीन, वानिकी कॉलेज थुनाग