जोगिंद्रनगर के गलू मेला मैदान में एनएचआई के खिलाफ बैठक करते फोरलेन प्रभावित।
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट-मंडी फोरलेन में घट्टा से नारला तक पुरानी अलाइनमेंट से छेड़छाड़ पर अब प्रभावित धरने-प्रदर्शन करेंगे। इसमें चौंतड़ा, जोगिंद्रनगर, उरला, पधर के कारोबारी और पंचायत प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। पुरानी अलाइनमेंट बहाल न हुई तो सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की जाएगी। रविवार को हारगुनैण पंचायत के गलू मेला मैदान में फोरलेन से प्रभावित होने वाली 40 पंचायतों के ग्रामीणों ने बैठक कर यह निर्णय लिए। निर्माणाधीन कंपनी की ओर से मांगें न माने जाने पर हाईवे को जाम करने का फैसला भी लिया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजगोपाल अवस्थी ने कहा कि घट्टा से नारला तक धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने प्रभावित परिवारों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ने के साथ घट्टा से नारला तक आने वाली हर पंचायत में प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर के संयोजक ओम मरवाह, कारोबारी दिनेश ठाकुर, चौंतड़ा के विनोद, बलदेव, घटासनी से निहाल चंद, पधर से सोबत राम, उरला से मोहन ठाकुर, संत राम आदि ने बैठक में भाग लेकर एनएचएआई के विरुद्ध रोष जताया। इधर एनएचएआई के प्रोजेक्ट प्रबंधक सूरजेवाला का कहना है कि परौर से लेकर पधर तक फोरलेन निर्माण का कार्य अभी विचाराधीन है।
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मंडी-पठानकोट हाईवे पर फोरलेन निर्माण को लेकर 1998 में किए सर्वे में घट्टा से चौंतड़ा बाजार बाईपास, जोगिंद्रनगर के ढेलू के घोरन जिमजिमा, हारगुनैण पंचायत से गलू और कोटरोपी से होकर निर्धारित अलाइनमेंट पर करीब 700 करोड़ खर्च करने पर आधिकारिक निर्णय लिया गया था। इस बीच नई अलाइनमेंट एहजू से बल्हजोली, खुदर, मच्छयाल और कस से नारला तक की कवायद साल 2016 से एनएचएआई ने शुरू की है। इसमें करीब 2300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पुरानी अलाइनमेंट में घट्टा से नारला तक फोरलेन के निर्माण में कोई टनल नहीं बनेगी। नई अलाइनमेंट में 2 टनल का निर्माण प्रस्तावित है। गुम्मा पंचायत के उपप्रधान ज्ञान चंद, जिला पार्षद विजय भाटिया ने बताया कि मांग को लंबे समय से उठा रहे है। दिल्ली में भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में भी यह मामला विचाराधीन है।