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Mandi News: बलद्वाड़ा और सरकाघाट अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं, बिना उपचार के लौट रहे रोगी

Wed, 10 Apr 2024 05:21 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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मंडी। बलद्वाड़ा स्वास्थ्य खंड के तहत आने वाले नागरिक अस्पताल बलद्वाड़ा और सरकाघाट में मरीज दर्द से कराहते रहें, लेकिन उनका दर्द जानने वाला कोई नहीं है। दोनों अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक ही नहीं हैं। इस कारण सरकाघाट, भोरंज और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों की करीब दो लाख आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल बलद्वाड़ा में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है।
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हालांकि अस्पताल में पांच मेडिकल ऑफिसरों के पद स्वीकृत हैं और सभी भरे हुए हैं, लेकिन विशेषज्ञ एक भी नहीं है। ऐसे में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को यहां से रेफर करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं हैं। वहीं, नागरिक अस्पताल सरकाघाट में 14 डॉक्टरों के पद हैं। मगर यहां भी सबसे जरूरी मेडिसिन, सर्जन, गायनी, ऑर्थो जैसे विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
दोनों अस्पतालों में आने वाले मरीजों को या तो बिना उपचार करवाए ही घरों को लौटना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को मंडी अस्पताल, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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उधर, नागरिक अस्पताल बलद्वाड़ा के एसएमओ डॉ. अरुण ने बताया कि डॉक्टरों के पांच पद भरे हुए हैं। मगर विशेषज्ञ एक भी नहीं है। वहीं, नागरिक अस्पताल सरकाघाट के एसएमओ डाॅ. देशराज का कहना है कि लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।

वरिष्ठ नागरिकों को हो रही ज्यादा परेशानी
बलद्वाड़ा के विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रकाश शर्मा ने कहा कि नागरिक अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। ऐसे में यहां के लोगों को दूर-दूर जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी वरिष्ठ नागरिकों को आ रही है। वहीं, मरीज ज्ञान चंद ने बताया कि उनकी टांग में लंबे समय से दर्द रहता है। बलद्वाड़ा और सरकाघाट अस्पतालों में कोई ऑर्थो का डॉक्टर नहीं है। ऐसे में उनको इलाज के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है।
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