स्याठी गांव के 20 परिवारों का पुनर्वास अटका
नहीं मिले गैस कनेक्शन, हैंडपंप खराब होने से पेयजल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। उपमंडल की लौंगणी पंचायत के स्याठी गांव में 30 जून 2025 को हुए भूस्खलन के एक साल बाद भी प्रभावित परिवार राहत और पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। आपदा में बेघर हुए 20 परिवार आज भी किराये के मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय निवासी कृष्ण चंद, संजय कुमार और जय सिंह के रसोई गैस सिलिंडर मलबे में दब गए थे लेकिन एक साल बाद भी उन्हें नए गैस कनेक्शन नहीं मिल पाए हैं। पुनर्वास, मुआवजा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रभावितों में नाराजगी है।
पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवार कई बार खाद्य आपूर्ति विभाग और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किराये के मकानों में हीटिंग पॉइंट नहीं होने से परिवार इंडक्शन चूल्हा भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। उनका आरोप है कि आपदा के समय किए गए पुनर्वास और भूमि उपलब्ध कराने के वादे आज तक पूरे नहीं हुए।
उन्होंने बताया कि 20 प्रभावित परिवारों में से केवल सात को ही मकान निर्माण के लिए सहायता मिली है जबकि सभी परिवार इसके पात्र हैं। पशुधन का पूरा मुआवजा और मकान किराये की सहायता भी अब तक नहीं मिली। स्याठी गलू के पास लगा हैंडपंप भी एक साल से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं होने पर ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
धर्मपुर के एसडीएम जोगिंद्र पटियाल ने कहा कि गैस कनेक्शन के मामले में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक को मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।