चंबा में रावी नदी के मुहाने पर किया जा रहा निर्माण कार्य।
चंबा। पिछली बरसात में आई आपदा को नजरअंदाज करके रावी नदी के मुहाने पर मौत के आशियाने तैयार किए जा रहे हैं। बालू के पास इन दिनों रावी तट के साथ निर्माण कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए प्रशासन कोई भी सख्त कदम नहीं उठा रहा है जो आने वाले समय में बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है। सरकार ने आपदा से सीख लेते हुए कैबिनेट में यह निर्णय लिया था कि नदी-नालों के आठ मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण नहीं होगा लेकिन चंबा में रावी नदी के तट के साथ भवनों का निर्माण जारी है। हैरानी इस बात की है कि इन कार्यों को करवाने के लिए संबंधित विभागों ने एनओसी कैसे प्रदान कर दी। ऐसा नहीं है कि ये कार्य हाल ही में शुरू किए गए हैं बल्कि ये कार्य पिछले कई माह से चल रहे हैं।
गौरतलब है कि रावी नदी बरसात के मौसम में खतरे के निशान को भी पार कर जाती है। कई बार प्रशासन को हालात देखते हुए बालू में नदी किनारे रहने वाले लोगों को शिफ्ट करने की नौबत भी आ जाती है। ऐसे हालातों से निपटने के बाद भी रावी नदी के तट पर निर्माण होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों सुनील कुमार, योगेश कुमार, हंसराज, सूरज, देसराज, मनोज कुमार और पवन ने बताया कि नदी-नालों के तटों पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि बालू में रावी नदी के तट पर चल रहे निर्माण कार्यों का सर्वेक्षण करवाया जाएगा। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।