इंजेक्शन गर्भधारण रोकने के अलावा गर्भाश्य के कैंसर की संभावना को भी खत्म कर देता है।
सराज घाटी की दुर्गम ग्राम पंचायत थाटा में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। इस केंद्र के अधीन दो पंचायतों की पांच हजार आबादी आती है लेकिन पिछले तीन वर्षों से स्वास्थ्य केंद्र को स्थायी डॉक्टर नहीं मिल पाया है।
केंद्र में चिकित्सक न होने के बारे में कई बार ग्रामीण विभाग को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। यहां स्वास्थ्य केंद्र रांगचा से फार्मासिस्ट को अस्थायी तौर पर भेजा गया है, पर उक्त फार्मासिस्ट भी नहींस्वास्थ्य केंद्र का जिम्मा चौकीदार के हवाले है।
इस केंद्र को एक चौकीदार और एक सफाई कर्मचारी रोजाना सुबह खोलते हैं और शाम को बंद कर देते हैं। इधर, ग्राम पंचायत थाटा की पहुंचा है। वर्तमान में प्रधान इंद्रा देवी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया तो मौके पर एक चौकीदार और सफाई कर्मचारी मिला।
ग्राम सभा में प्रस्ताव डालकर यहां स्टाफ की नियुक्त करने की मांग की है। पंचायत समिति उपाध्यक्ष भोप सिंह ने बताया कि हिमाचल सरकार सराज क्षेत्र की अनदेखी कर रही है। सराज क्षेत्र में कई विभागों में सैकड़ों पद खाली हैं। जिससे जनता को परेशानी हो रही है। सरकार को तुरंत प्रभाव से डॉक्टर की तैनाती करनी चाहिए। वहीं, कार्यवाहक एसडी एएमओ चैलचौक डा. योग राज शर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी के बारे में उच्च अधिकारी को जानकारी भेज दी है। अधिकारियों से बातचीत कर समस्या सुलझा ली जाएगी।