बरोट (मंडी)। नोटबंदी के फैसले को करीब सवा महीना बीत गया है लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में नोटबंदी से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जिला मंडी के चौहारघाटी और छोटा भंगाल की 20 पंचायतों के लोगों को बैंकों में पर्याप्त मात्रा में कैश न होने के कारण दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
15 से 20 किलोमीटर दूरदराज गांवों के लोग हर रोज सुबह से लंबी लाइनों में खड़े होने पर भी खाली हाथ लौट रहे हैं। बरोट में राज्य सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक और पीएनबी की शाखाएं हैं। जबकि मुल्थान तहसील में पीएनबी की एक मात्र शाखा है। बैंकों में कैश की कमी से दूरदराज क्षेत्रों के कर्मचारी भी खातों में जमा तनख्वाह से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं।
बैंकों में लाइन पर खड़े मंगत राम, कुशमलता, सुरेंद्र, रूपलाल, लालचंद, शंकर, धर्म वीर, भीखम राम, सीता राम, गंगाराम, बजिंद्र सिंह, हरि सिंह, मुल्थान बाजार प्रधान भाग सिंह, लोहली देवी, गुजी देवी, राम देई, रेशमा देवी, रीना देवी, दुर्गा राम, कर्मचारी रूपलाल, डागी राम, बाबूराम, शंकर, इंद्र सिंह, बिहारी लाल, सरदा राम, जयलाल, बुद्धि सिंह ने कहा कि बैंकों से पैसा न मिलने से डिपुओं से राशन भी नहीं ले पा रहे हैं।
बर्फबारी से पहले लोग अपनी जरूरत का सामान और राशन खरीद कर घरों में रख देते थे। लोगों ने कहा पीएनबी मुल्थान में पांच दिनों से कैश नहीं है। दोपहर बाद कैश पहुंचने की उम्मीद को लेकर दूरदराज गांवों से आए लोग लाइन में खड़े होकर इंतजार करते रहे। बैंक प्रबंधन भी कैश की कमी के कारण एक व्यक्ति को मात्र दो-दो हजार रुपये ही दे रहे हैं।
इस बारे में राज्य सहकारी बैंक के कार्यवाहक प्रबंधक अमित ने कहा कि चार दिन से कोई कैश नहीं आया। जबकि बुधवार को 70 हजार कैश आया है। नोटबंदी के बाद 60 लाख की राशि बांट चुके हैं। ग्रामीण बैंक के प्रबंधक मनोज ने कहा कि बैंक में कैश की उपलब्धता के अनुसार ही लोगों को कैश दिया जा रहा है। पीएनबी मुल्थान के प्रबंधक मेहर चंद ने कहा कि नगरोटा चेस्ट से कैश भेजा जा रहा है।