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मंडी में न चले ऑटो, न राइड विद प्राइड टैक्सी, मरीज-विद्यार्थी परेशान

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मंडी में ऑटो रिक्शा यूनियन की हड़ताल के चलते आरएम के खिलाफ नारेबाजी करते सदस्य। - फोटो : Mandi
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मंडी। शहर की ऑटो यूनियन मंगलवार को भी हड़ताल पर डटी रही। संचालकों ने सुबह दस बजे से न ऑटो चलाए और न ही एचआरटीसी की राइड विद प्राइड सेवा को चलने दिया। इससे लोगों, मरीजों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अस्पताल, ऑफिस और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को पैदल ही गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कुछ लोगों ने टैक्सी कर ली लेकिन अधिकतर ने पैदल ही सफर किया। ऑटो यूनियन के प्रधान ओम प्रकाश राणा ने कहा कि सुबह दस बजे से हड़ताल में डट गए। इस दौरान नारेबाजी भी की। कहा कि एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक गोपाल शर्मा के आश्वासन के बाद करीब सवा बारह बजे हड़ताल को स्थगित किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि 14 फरवरी को आरटीओ ऑफिस में ऑटो संचालकों के साथ बैठक कर समस्या का हल निकाला जाएगा।
आरटीओ, आरएम के साथ संयुक्त बैठक के बाद ऑटो चालक हड़ताल को लेकर आगामी रणनीति बनाएंगे। ऑटो यूनियन के प्रधान ओम प्रकाश राणा, उपप्रधान कमलेश शर्मा और महासचिव मनोहर लाल ने बताया कि बैठक में मुद्दों पर सहमति नहीं बनी तो दोबारा हड़ताल की जाएगी। इस दौरान अश्वनी कुमार, जोगिंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, भूपेंद्र कुमार, अरविंद, जगदीश कुमार, लतेश कुमार और धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। हड़ताल स्थगित होने के बाद भी शहर में राइड विद प्राइड सेवा सिर्फ अस्पताल रूट पर ही मिली। ऑटो चालकों ने भी सेवाएं दी।
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लाइव
ऑटो को ढूंढते नजर आए मरीज
समय : 10:30 बजे। स्थान : बस अड्डा मंडी का निकासी द्वार। ऑटो संचालक मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। निगम के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 11 बजे आरएम मौके पर पहुंचे और ऑटो संचालकों से बात की। ऑटो संचालक लिखित आश्वासन पर अड़ गए। 11:10 बजे, द्रंग से पहुंची गुंजन और सोमा ऑटो को ढूंढती नजर आईं। 11:20 बजे। कोटली कुन की तान्या और अंजली पांव में चोट होने के चलते अस्पताल आई थीं। ऑटो नहीं मिला तो पैदल ही अस्पताल के लिए गईं।
11:25 बजे। कोटली की ट्विंकल और अंजली बेटी प्रिया को गोद में उठाकर अस्पताल जाने के लिए ऑटो ढूंढती रहीं लेकिन ऑटो नहीं मिला। 12 बजे तक लोगों को ऑटो न चलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद ऑटो चलते ही लोगों ने राहत की सांस ली।
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