मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर तैनात एक वार्ड बॉय ने नौकरी से हटाए जाने के बाद कथित तौर पर अधिक मात्रा में दवाइयां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। कर्मचारी की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसकी जेब से सुसाइड नोट मिलने की बात भी सामने आई है, जिसमें नौकरी से निकाले जाने का जिक्र होने की जानकारी है। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में करीब 13 आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना पूर्व नोटिस के हटाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब आउटसोर्स पर वार्ड बॉय के रूप में सेवाएं दे रहे एक कर्मचारी ने कथित तौर पर अधिक मात्रा में दवाइयां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। कर्मचारी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। कर्मचारी की पहचान बलवंत सिंह निवासी घींऊधार, रिवालसर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नौकरी से हटाए जाने के बाद वह मानसिक तनाव में था। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
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पत्नी को बताई बात, इसके बाद अस्पताल पहुंचाया
पुलिस के अनुसार बलवंत सिंह भंगरोटू में किराये के मकान में रह रहा था। सोमवार शाम उसने कथित तौर पर अधिक मात्रा में दवाइयों का सेवन कर लिया। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को इसकी जानकारी दी। परिजनों को जैसे ही घटना का पता चला, वे उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। समय रहते अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
जेब से मिला सुसाइड नोट
मामले की जांच के दौरान पुलिस को कर्मचारी की जेब से एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। इसमें कथित तौर पर नौकरी से हटाए जाने का जिक्र किया गया है। पुलिस अब सुसाइड नोट समेत घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कर्मचारी को किन परिस्थितियों में नौकरी से हटाया गया था और घटना से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां बनीं।
13 कर्मचारियों को हटाने का आरोप
घटना के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने का मामला भी चर्चा में आ गया है। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे करीब 13 कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व नोटिस के नौकरी से हटा दिया गया। इसी के बाद कर्मचारियों में असंतोष और चिंता का माहौल होने की बात सामने आ रही है। हालांकि कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया और इससे जुड़े आरोपों की आधिकारिक स्थिति पुलिस जांच तथा संबंधित विभाग की जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप
वार्ड बॉय के आत्महत्या के प्रयास की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में भी हलचल मच गई। कर्मचारी के सहकर्मियों और अन्य लोगों में घटना को लेकर चिंता का माहौल रहा। इस घटना ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी और उनकी सेवाओं से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच पर है।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल कर्मचारी का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।