गोहर (मंडी)। मंडी जिला के सेब उत्पादित क्षेत्रों में सेब की अर्ली वैरायटी टाइड मैन का तुड़ान शुरू हो गया है। पड़ोसी राज्यों की मंडियों में टाइड मैन जल्द दस्तक देगा। जिला में सेब बगीचों की सौदेबाजी के बाद व्यापारियों ने टाइड मैन का तुड़ान कर इसकी पैकिंग का काम शुरू दिया है। नाचन और सिराजघाटी में टाइड मैन के साथ रेड जून और समर क्वीन भी मंडियों में जाने के लिए तैयार है।
इस बार सेब की कम फसल है, लेकिन व्यापारियों और बागवानों में उत्साह बरकरार है। क्षेत्र के कुटाहची, शकोहर, थमाड़ी, सरोआ, घीड़ी, चुराग, चरखडी, बगस्याड़, धंग्यारा समेत आसपास के क्षेत्रों में अर्ली सेब का तुड़ान शुरू हो गया है। सेब कारोबार खुलने से बागवानों और व्यापारियों समेत आढ़तियों में खुशी की लहर है।
दिनेश कुमार, यशवंत, हंस राज, धमेशवर, चंद्रमणी, हेम सिंह, लीला प्रकाश, परमा राम, महेंद्र, प्रमोद, लाल चंद श्याम और मनोज कुमार आदि बागवानों ने बताया कि उनके बगीचों में टाइड मैन का तुड़ान शुरू हो गया है। आढ़ती के क्रॉस एन ने कहा है कि प्रारंभिक चरण में टाइड मैन एक हजार से 1500 रुपये प्रति पेटी बिकने की संभावना है।
बता दें कि जिला में एप्पल वैली करसोग, चुराग, चरखडी, निहरी, पण्डार, कमाद, शकोहर, रोहांडा, थमाड़ी, कुटाहची, फ़ंग्यार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी, सरोआ, शिल्हि बागी, बागाचनोगी, थाची और पंजाई में सेब का उत्पादन होता है। फिलहाल अर्ली वैरायटी का सेब का तुड़ान शुरू हुआ है। आने वाले दिनों में दूसरी सेब वैरायटी का तुड़ान भी शुरू होगा।
24.47 लाख सेब पेटी उत्पादन की उम्मीद
मंडी जिला में 35 लाख सेब पेटी उत्पादन होता है, लेकिन इस बार फसल कम होने के कारण सेब उत्पादन कम होने की संभावना है। बागवानी विभाग के अनुसार 35 लाख सेब पेटी उत्पादित करने वाले मंडी जिला में इस बार 24.47 लाख सेब पेटी उत्पादन होने की उम्मीद है।
मंडी जिला में तैयार अर्ली सेब वैरायटी। अब इसका तुड़ान शुरू हो गया है। संवाद