जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल के नौहली के बतनाहर गांव का सेकंड लेफ्टिनेंट रोहित कुमार राजस्थान के जोधपुर में सरहद की रक्षा में डटा हुआ है। पिता लांस नायक नंद लाल कारगिल युद्ध में शहादत का जाम पी चुके हैं। पति को सरहद की रक्षा करते हुए खो चुकीं वीर नारी मनोरमा का कहना है कि बेटा देश की रक्षा में जुटा हुआ है।
बातचीत होने पर सुकुन मिलता है। लंबे समय तक बात न हो तो बेचैनी हो जाती है। बीते शुक्रवार को ही बेटे रोहित से बातचीत हुई है। अब युद्ध विराम होने से राहत महसूस की है। बेटे ने भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया है। टीवी पर आ रही खबरों से मन घबरा रहा था लेकिन अब सीजफायर की सूचना मिली है।
इससे बड़ा सुकून मिला है। वीर नारी मनोरमा का कहना है कि देश की सेवा का असली मौका सभी को नहीं मिल पाता है। पति के बाद बेटे को यह मौका मिला है। घबराहट जरूर होती है, लेकिन खुशी इस बात की है कि पति के बाद बेटा भी सरहद की रक्षा में दिन रात जुटा हुआ है। संवाद