आईटीआई मंडी में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की पहली वर्षगांठ पर लाभार्थियों को विश्वकर्मी प्
मंडी। मंडी में आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजना की पहली वर्षगांठ के कार्यक्रम में लाभार्थी गंगा राम ने सांसद कंगना रणौत के सामने अपनी समस्याएं उठाईं। उन्होंने कहा कि टूल किट की कीमत 60,000 रुपये होनी चाहिए, क्योंकि 15,000 रुपये में यह नहीं आएगी। इसके साथ ही एक लाख रुपये का ऋण भी नाकाफी है, इसमें 50 फीसदी सब्सिडी होनी चाहिए।
मंडी में योजना की पहली वर्षगांठ को लेकर आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थी गंगा राम ने बेबाकी से अपनी बात रखी। इसी के साथ पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट के साथ गूंज उठा। बातचीत के दौरान राज मिस्त्री का कार्य करने वाले बगस्याड़ निवासी गंगा राम ने कहा कि योजना के तहत आईटीआई मंडी में सात दिन का प्रशिक्षण हासिल किया है।
योजना के तहत उन्हें 6200 रुपये भी अभी तक मिले हैं। प्रशिक्षण का फायदा तो मिलेगा, लेकिन इसमें प्रावधान को लेकर बदलाव की जरूरत है। वहीं, एक अन्य लाभार्थी नंद लाल ने बताया कि योजना के तहत प्रशिक्षण लिया है। हालांकि अभी तक लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं, जोगिंद्रनगर के राज मिस्त्री रूप सिंह ने बताया कि पांच दिन का प्रशिक्षण लेने के बाद 2200 रुपये मिले हैं। आने वाले दिनों में ही इस योजना के सही लाभ का पता चलेगा। बताया कि प्रशिक्षण लेने पर अब प्रमाण पत्र भी मिला है। जबकि पहले पहचान पत्र जारी किए गए थे।
कार्यक्रम से पहले मंच संचालक ने भी प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले खर्चे को नाकाफी बताया और इसमें बढ़ोतरी की मांग उठाई। ताकि प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों को सुविधा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये महाराष्ट्र में हो रहे कार्यक्रम को भी लाइव देखा गया।
आईटीआई मंडी में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की पहली वर्षगांठ पर लाभार्थियों को विश्वकर्मी प्