प्रशासन ने शिकारी देवी मंदिर के कपाट पहले ही बंद कर दिए हैं और मंदिर परिसर से दुकानदारों समेत अन्य लोगों को पलायन करने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं कमरुनाग मंदिर के कपाट अभी आधिकारिक तौर पर बंद नहीं किए गए हैं। निचले इलाकों में बारिश से किसान गन्दम की बिजाई की तैयारियों में जुट गए हैं।
सेब बगीचों के लिए इस समय बारिश और बर्फबारी की बेहद जरूरत है। हल्की बारिश और बर्फबारी के बाद किसान बागवान और अधिक बारिश बर्फबारी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसानों उत्तम चंद, राजीव ठाकुर, मुरारी लाल, दीपक, यशवंत, चन्द्रमणि, नाग, यशु, तोम चंद, भीम सिंह और वेद प्रकाश ने बताया कि बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध हुई है।
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने बताया कि बर्फबारी और बारिश सेब पौधों के लिए रामबाण है। उधर लोनिवि, विद्युत और आईपीएच विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी महकमों के उच्चाधिकारियों ने कनिष्ठ अधिकारियों को बर्फबारी से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।