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Mandi News: मानसून सिर पर, खतरे के साये में कोटला में 15 परिवार

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फोटो-लांगणा पंचायत के कोटला गांव में जमीन धंसने से क्षतिग्रस्त हुए मकान। स्त्रोत प्रभावित परिवा
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ लांगणा पंचायत के कोटला गांव के 15 परिवारों की चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। पिछले वर्ष ब्यास नदी में आई बाढ़ और तेज कटाव से जिन परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए थे, उनका पुनर्वास आज तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रभावित परिवार इस बार भी असुरक्षित मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। तेज बारिश के साथ किसी अनहोनी की आशंका उन्हें सता रही है।
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कोटला गांव ब्यास नदी के किनारे बसा हुआ है। अगस्त 2025 में नदी ने गांव में भारी तबाही मचाई थी। तेज बहाव से जमीन धंसने लगी थी। इससे कई मकानों और पशुशालाओं में दरारें आ गई थीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि प्रशासन को आठ मकानों को तत्काल खाली करवाना पड़ा था। करीब 15 परिवारों के 20 से अधिक सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया था। पशुशालाओं को भी नुकसान पहुंचा था। प्रभावित परिवारों का कहना है कि घटना के बाद राहत और पुनर्वास के बड़े-बड़े दावे किए गए लेकिन एक वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई परिवार अब भी उन्हीं क्षतिग्रस्त और असुरक्षित मकानों में रह रहे हैं। दूसरी ओर बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए प्रस्तावित फ्लड प्रोटेक्शन कार्य भी पूरे नहीं हो सके हैं। लांगणा पंचायत के पूर्व प्रधान चंद्रमणी ने बताया कि प्रभावितों के पुनर्वास और सुरक्षा उपायों को लेकर अभी तक संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है।
जोगिंद्रनगर के एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि मानसून सीजन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कोटला गांव सहित नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएंगे।
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पिछले साल ब्यास नदी की बाढ़ से दस से अधिक मकान खतरे की जद में आ गए थे। पुनर्वास का काम पूरा नहीं हुआ है, इसलिए इस साल भी परिवार दहशत में हैं। -राकेश कुमार, प्रभावित निवासी
आठ लाख रुपये की राहत राशि की घोषणा हुई थी, लेकिन अधिकांश परिवारों को केवल 50 प्रतिशत धनराशि ही मिली है। इसी वजह से कई लोग असुरक्षित मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। -भोला राम, प्रभावित
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पशुशालाओं के पुनर्निर्माण के लिए 50 से 60 हजार रुपये सहायता देने का आश्वासन मिला था, लेकिन कुछ परिवारों को केवल 10 हजार रुपये ही मिले हैं।
राजमल, वार्ड सदस्य, लांगणा पंचायत
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