मंडी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले में 2,000 से अधिक की आबादी वाला एक गांव आदर्श सौर गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे विकसित करने के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। सोमवार को यह जानकारी उपायुक्त एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने दी।
जिले में गरोड़ू, भौर, कनैड, डुगराईं, धारंडा, खिलड़ा, सलापड़, जरोल, महादेव, नेर, कुम्मी, बैहना, सयोग, पंडोह और नगवाईं गांवों की आबादी 2000 से ज्यादा है। आदर्श सौर गांव में सामुदायिक सौर संयंत्र की स्थापना, रूफटॉप प्लांट, सोलर पंपिंग सिस्टम, घरों में सोलर लाइट, गांव में स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी।
बैठक में योजना की जिले में क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की छतों पर 3 किलोवाट तक की क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट पर सरकार उपदान दे रही है। 2 किलोवाट क्षमता तक 33000 रुपये प्रति किलोवाट तथा अतिरिक्त एक किलोवाट पर 19800 रुपये की उपदान की सुविधा है।
योजना के तहत घर के रूफटॉप से उत्पादित बिजली मुफ्त होगी, जिसका उपयोग उपभोक्ता अपने विद्युत आवश्यकता की पूर्ति के लिए कर सकेंगे। सोलर रूफटॉप संयंत्र से उत्पादित विद्युत का उपयोग करने के बाद अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में 3675.05 किलोवाट क्षमता के 478 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वहीं, परियोजना अधिकारी हिम ऊर्जा एवं डीएलसीसी के सदस्य सचिव कपिल कुमार ने बताया सरकार ने हिम ऊर्जा को योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए नोडल एजेंसी के रूप में अधिसूचित किया गया है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त रोहित राठौर, अधीक्षण अभियंता अरुण शर्मा विद्युत बोर्ड, जिला परिषद सदस्य जसबीर उपस्थित रहे। संवाद