जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग का गोहर के माहरन स्थित कुफरीधार मंदिर में एक दिवसीय मेला हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। मेले में गोहर और आसपास की पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर मेले की शोभा बढ़ाई और देव कमरूनाग से आशीर्वाद लिया।
कमरूनाग देवता के मेले में देव बालाटीका, माता सिंहवाहिनी, देव भंगरोह और देवी चतुर्भुजा के रथों ने भी शिरकत कर मेले का आकर्षण बने। इन देवताओं से बड़ा देव कमरूनाग का भव्य मिलन मेले को भक्तिमय कर गया। दिन भर देव कमरूनाग के कुफरीधार मंदिर में लोगों की देव कमरूनाग के दर्शनों के लिए भीड़ लगी रही।
मेले में देव कमरूनाग के गूर से देवता कमेटी और ग्रामीणों ने पूछ भी डलवाई। देव कमरूनाग ने किसानों की फसलों की रक्षा करने और हार द्वार की सुरक्षा करने का ऐलान भी किया। इस मौके पर मंदिर कमेटी कमरूनाग ने देवताओं के साथ आए देवलुओं के लिए धाम का भी आयोजन किया था।
देव कमरूनाग का गोहर स्थित कुफरीधार मेला हर वर्ष की भांति इस बार साल भी धूमधाम से मनाया गया। कमरूनाग के गूर नीलमणी ने बताया कि देवता अभी गोहर क्षेत्र में मेहमाननवाजी करेंगे। जिसके बाद देवता अपने निवासी स्थान कांढी कमरूनाग निकलेंगे।
मेले के समापन पर रविवार देर शाम देव कमरूनाग ने मेले में आए मेहमान देवताओं को विदाई दी। जहां पारंपरिक वाद्य यंत्रों से गोहर की वादियां भक्तिमय हो गई। इस मौके पर देवता के कटवाल रणजीत सिंह ठाकुर, पूर्व गूर नीलमणी समेत अनेक कारदारों और देवलुओं ने भाग लिया।