मंडी विकास अभियान के तहत जिला की सभी पंचायतों में 473 विकास दूत तैनात किए जाएंगे। मंगलवार को मंडी साक्षरता एंव जनविकास समिति की साधारण सभा की बैठक उपायुक्त एवं अध्यक्ष संदीप कदम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि समिति पूर्व की तरह उपायुक्त की अगुवाई में जिला में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक सुरक्षा एवं सूक्ष्म बीमा, मेरी लाडली बेटी बचाओ अभियान और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों को लेकर मंडी विकास अभियान के तहत कार्य करेगी। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े स्वयंसेवियों का समूह जो विकास के मुद्दे पर आपसी सहमति से विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करवाने में प्रशासन की मददगार बन रही है।
समिति के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच आपसी सहयोग और सामंजस्य बना है। उसे आगे भी जारी रखने की आवश्यकता है। वहीं पर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं के कार्यों का मूल्यांकन और समिति को नए संदर्भों की तलाश जारी रखते हुए अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होना होगा। ग्रामीण महिला मंडल योजना के माध्यम से समिति के पदाधिकारियों एवं जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं के मूल्यांकन का अवसर मिला है। अब मंडी विकास अभियान के तहत पंचायत स्तर पर एक व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।
वहीं पर खंड स्तर पर भी एक समन्वयक उपरोक्त सभी परियोजनाओं का समन्वय करेगा। उन्होंने बताया कि मंडी विकास अभियान का उद्देश्य गांव, वार्ड और पंचायत स्तर पर स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं पर चरणबद्ध तरीके से कार्यों और गतिविधियों का आयोजन कर लोगों की सोच और व्यवहार में परिवर्तन लाया जाएगा। जिससे ग्रामीण विकास का सपना साकार हो सकें।
इस योजना का शुभारंभ हाल ही में मंडी में आयोजित ग्रामीण महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया। बैठक में मंडी साक्षरता समिति एवं जन विकास की कार्यकारिणी, साधारण सभा और विभिन्न समूहों की बैठकें नियमित रूप से करवाने का भी निर्णय लिया। बैठक में समिति के सह अध्यक्ष एवं अतिरिक्त उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंतराज वैद्य, बीना वैद्य, महासचिव राजेंद्र मोहन, कुंदन सिंह ठाकुर, जोगिंद्र वालिया, बीरबल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, डॉ. कमल प्यासा, डॉ. विजय विशाल, नरपत राम वर्मा, ललित शर्मा, सेवक राम, तिलक राम चौहान, श्याम सिंह चौहान और भीम सिंह आदि मौजूद रहे।