मंडी के नगर निगम वार्ड 7 तल्हयाड़ में हुए नुकसान का जायजा लेते महापौर व पार्षद। स्रोत नगर निगम
मंडी। नगर निगम मंडी बरसात में हुए नुकसान के आकलन की बुधवार से रिपोर्ट तैयार करेगा। 30 जून की रात को हुई भारी बारिश के चलते शहर में कई जगह घरों को खतरा पैदा हो गया है।
कई जगह नालियां और संपर्क सड़कें बंद हैं। शहरवासी लगातार निगम कार्यालय में शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। टारना, तल्याहड़, सन्यारड़ समेत कई वार्डों में 50 से ज्यादा घरों को खतरा पैदा हो गया है। कई घरों के पास भूस्खलन होने से शहरवासी चिंतित हैं।
नालियों की सही से सफाई न होने से कई जगह सड़कों और घरों में पानी घुस रहा है। सैकड़ों घरों में बारिश से सीलन आ गई है। 30 जून को हुई बारिश के बाद शहर से 68 लोगों को ब्यास सदन में शरण दी गई है। इनमें 31 प्रशिक्षु छात्राएं हैं। इनमें से आधी अपने घरों को लौट गई हैं। मंगलवार को शहरवासियों की शिकायत पर महापौर ने तल्यारड़ वार्ड का दौरा किया और बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया।
लोगों ने बताया कि यहां एनएचएआई की ओर से किए गए कार्य के चलते नुकसान पहुंचा है। कई जगह नालियां भी खस्ताहाल हो गई हैं। मौके पर महापौर ने कर्मचारियों को इन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उधर, वार्ड नौ पैलेस दो में स्थानीय पार्षद सुमन ठाकुर ने रघुनाथ का पधर का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। 30 जून को यहां नाले में जल स्तर बढ़ने पर पांच घरों को खाली करवाकर उन्हें ब्यास सदन में शरण दी गई है।