युवाओं का घटता रुझान और कलाकारों के लिए मंचों की कमी बनी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। बदलते दौर में लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकगायन, रंगमंच और सिनेमा के प्रति युवाओं का घटता रुझान चिंता का विषय बना हुआ है। इसी मुद्दे पर शनिवार को मंडी में 11 सांस्कृतिक व सामाजिक संस्थाओं की संगोष्ठी आयोजित हुई।
तपस अकादमी परिसर में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ रंगकर्मी रूप उपाध्याय ने की। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, संस्थाओं को एकजुट करने और कलाकारों की समस्याओं को सरकार व प्रशासन तक सामूहिक रूप से पहुंचाने का निर्णय लिया गया। साथ ही शहर में अभ्यास व आयोजनों के लिए उपयुक्त मंच की कमी पर चिंता जताई गई।
रंगकर्मी कुलदीप गुलेरिया ने बाहरी संस्थाओं द्वारा स्थानीय कलाकारों के शोषण का मुद्दा उठाया। सभी ने ऐसे आयोजनों का विरोध करने और स्थानीय कलाकारों के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त पहल पर सहमति जताई। बैठक में कई सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।