सुबह छह बजे बंद हुआ मार्ग, शाम तक नहीं सुधरी स्थिति
तालगहर में सड़क पर आया तीन फुट तक मलबा
मरीज, छात्र और पेशी पर जाने वाले लोग हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। उरला के तालगहर में मंगलवार सुबह पहाड़ी से नाले के साथ बहकर आई मिट्टी की गाद से मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय हाईवे-154 बंद हो गया। सुबह छह बजे बंद हुआ मार्ग शाम छह बजे तक 12 घंटे बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल सका। करीब 100 मीटर सड़क पर तीन से चार फीट गाद जमा होने से वाहन फंसते रहे। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से पानी के साथ दोबारा मिट्टी आने से बहाली कार्य प्रभावित रहा।हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जोगिंद्रनगर और पधर जाने वाले कई यात्रियों को कीचड़ के बीच पैदल लौटना पड़ा। कॉलेज के विद्यार्थियों ने तालगहर से वापस भेजी गई बसों से सफर किया, जबकि कुछ बीमार लोग अस्पताल नहीं पहुंच पाए। दलदल में फंसे वाहनों को मशीनों की मदद से निकाला गया। इस दौरान कुछ यात्री फिसलकर कीचड़ में गिर गए। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जरूरी कार्य से जाने वाले लोगों को घटासणी-झटिंगरी-डायनापार्क-पधर-कटिंडी-मंडी मार्ग से जाने की सलाह दी। पधर-नौहली-जोगिंद्रनगर मार्ग यातायात के लिए खुला रहा। हाईवे बहाली के लिए एलएनटी, जेसीबी और दो बड़े डंपर लगाए गए हैं।
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कुन्नू में नौ घंटे बाद बहाल हुआ याताया
कुन्नू पुल के पास मंगलवार सुबह सात बजे पहाड़ी से ल्हासा गिरने से हाईवे बंद हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कुन्नू बाजार के अंडर बाईपास से वाहनों को निकाला। शाम चार बजे करीब नौ घंटे बाद इस हिस्से में यातायात बहाल हो सका।
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दो दर्जन सड़कें ल्हासे और पेड़ गिरने से प्रभावित
उपमंडल में बारिश के कारण करीब दो दर्जन सड़कें ल्हासे और पेड़ गिरने से प्रभावित हुईं। लोक निर्माण विभाग ने अधिकांश मार्ग बहाल कर दिए। नारला से मैगल-बिजनी तक कई जगह मलबा गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिसे हटाने में निर्माण कंपनी की मशीनें जुटी रहीं। मंडी-कटौला मार्ग पर कमांद के पास गिरा ल्हासा भी हटा दिया गया। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच रात से जारी बारिश के कारण सड़क बहाली के कार्य में लगातार बाधा आ रही है।