मंडी के पड्डल मैदान में रैली के दौरान कुर्सिंयों को सिर पर रखे महिलाएं और कुछ महिलाएं टेबल की नीच?
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मंडी। पीएम मोदी की मंडी रैली के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। एचआरटीसी की बसें बुक होने के कारण स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को यातायात सुविधा के लिए धक्के खाने पड़े। अधिकांश लोग निजी वाहनों और लिफ्ट मांग कर अपने गंतव्यों तक पहुंचे।
दोपहरबाद करीब 1:30 बजे लोगों को बस सुविधा का लाभ मिल पाया। सरकारी और निजी बसों के चलने से लोग अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए। तिपहिया वाहन भी रैली के बाद दौड़ना शुरू हो गए। कुरियर कंपनी के नरेंद्र कुमार ने बताया कि मालवाहक न मिलने से उन्हें सामान स्कूटर पर बांध कर पहुंचाना पड़ा। विक्टोरिया पुल के समीप रेनशेल्टर में बैठे लोग बसों का इंतजार करते रहे।
पूछने पर बताया कि वे सुबह 10 बजे से बैठे हैं। कटौला, कमांद, रेहड़धार आदि स्थानों के लिए बसें नहीं मिल पाईं। सरकाघाट की शीतला देवी घर जाने के लिए सुबह 9 बजे से बस स्टैंड में बस का इंतजार कर रही है लेकिन 11 बजे तक बस सुविधा नहीं मिली। बालीचौकी की कुसुम को भी सुबह से बस नहीं मिल पाई। नाचन के बग्गी निवासी लीला देवी सुबह से घर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। रिवालसर की मधु अपनी बेटी के साथ पाली पधर जाने के लिए सुबह 9 बजे से बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही है। नेपाल निवासी रंगा थापा, उसकी पत्नी गंगा थापा और साथी गड़स थापा 6 माह बाद अपने घर नेपाल जा रहे थे लेकिन सुबह से हरिद्वार जाने के लिए कोई बस नहीं मिली।
पूछताछ करने पर बताया कि 3 बजे तक बस मिलेगी। आरएम मंडी गोपाल चंद का कहना है कि निगम के सभी रूट चालू हैं, कोई रूट बाधित नहीं हुआ है। सवारियों को उठाने के लिए बसें अड्डा पहुंच रही हैं। कुछ बसों को रैली के लिए भी लगाया गया है लेकिन सभी रूटों पर यथावत रूप से बसें चलाई जा रही हैं। संवाद