मंडी। जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक दोषी को दो साल के कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम की धारा 3 के तहत अभियोग साबित होने पर सरकाघाट तहसील के कोठी रोपा (थीना गलू) निवासी हुकम चंद को उक्त सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि पीड़िता (प्रधान ग्राम पंचायत) ने सरकाघाट पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी कि 26 फरवरी 2016 को किसी व्यक्ति के खिलाफ उन्हें एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ था।
पंचायत प्रधान ने शिकायत पत्र को पंचायत रजिस्टर में दर्ज कर पंचायत के कुछ सदस्यों के साथ मौके पर गईं। इसी दौरान आरोपी हुकम चंद ने पंचायत प्रधान को जाति सूचक शब्द कहे। पीड़िता के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को हिरासत में लिया था।
मामले की तहकीकात पुलिस उपअधीक्षक संजय भाटिया ने की। अदालत में अभियोग चलाया। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा कि हुकम चंद के खिलाफ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। संवाद