मंडी जिला के जोगिंद्रनगर बस अड्डे पर चालक-परिचालक विश्राम कक्ष में गत्ते बिछा कर सो रहा चालक।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। दिनरात सेवाएं देने वाले परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों के लिए जोगिंद्रनगर बस डिपो के रेस्टरूम में बिस्तर तक की सुविधा नहीं है। चालक-परिचालक गत्ते बिछाकर सर्द रातें काटने को मजबूर हैं।
वर्तमान में 150 से अधिक चालक और परिचालक बस डिपो जोगिंद्रनगर में सेवाएं दे रहे हैं। बस डिपो में रात्रि ठहराव की उचित व्यवस्था न होने के कारण लंबी दूरी और अंतरराज्यीय रूटों पर चलने वाले चालक-परिचालक परेशान हैं।
बस डिपो जोगिंद्रनगर के क्षेत्रीय प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि चालक- परिचालकों के नए रेस्टरूम में डोरमेट्री बेड सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। गद्दों के लिए परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों को लिखित तौर पर अवगत करवा दिया गया है।
बजट का प्रावधान होते ही चालक-परिचालकों के लिए गद्दे उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। चालकों, परिचालकों को सामान रखने के लिए लॉकर, नहाने के लिए स्नानागार और शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए करीब 15 लाख रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन बेड की सुविधा न मिलने से दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। परिचालक महासंघ के एटक राज्य महासचिव संजय बड़वाल ने बताया कि रेस्टरूम के नए भवन में चालको-परिचालकों को रात्रि ठहराव के दौरान दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
बस डिपो जोगिंद्रनगर के चालकों-परिचालकों के रेस्टरूम के लिए आलिशान भवन में लॉकर, शौचालय, स्नानागार की सुविधाओं समेत डोरमेट्री की सुविधा उपलब्ध हैं। गद्दों के लिए बस डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से सौंपे गए प्रस्ताव के तहत बजट का प्रावधान जल्द होगा।
-राजकुमार जरियाल, मंडलीय प्रबंधक धर्मशाला