मंडी जिला के पधर में जमीनों की कीमतों का उचित मूल्यांकन न किए जाने पर नारेबाजी करते फोरलेन प्रभा?
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पधर (मंडी)। पठानकोट-मंडी फोरलेन के पांचवें एवं आखिरी चरण में नारला से मंडी तक बनने वाले टू लेन की जद में आ रहे प्रभावितों ने अब सड़कों पर उतरने का मन बनाया है। जमीन का उचित मूल्यांकन न करने को लेकर प्रभावितों ने कहा कि प्रदेश सरकार और एनएचएआई के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस बाबत फोरलेन प्रभावितों की विशेष बैठक रविवार को फोरलेन समन्वय समिति सदर इकाई अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रभावित परिवारों ने बढ़ चढ़कर उपस्थिति दर्ज करवाई।
समन्वय समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि उपमंडल प्रशासन ने फोरलेन की जद में आने वाले सैकड़ों किसानों की जमीनों की कीमत का जो मूल्यांकन किया है, वह किसी भी तरह तर्क संगत नहीं है। इस बारे समन्वय समिति पहले भी जिला प्रशासन के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर मामला उठा चुकी है। अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। बीते रोज पधर और सदर उपमंडल के एसडीएम कार्यालय की ओर से फोरलेन की जद में आने वाले प्रभावित परिवारों की जमीनों की जो वैल्यू दर्शाई है, उससे प्रभावित परिवार हैरत में हैं।
समिति ने 22 अगस्त को जिलास्तर पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। इसमें पधर के नारला से लेकर बिजनी तक के किसान भाग लेंगे। मंडी के विक्टोरिया पुल से धरना-प्रदर्शन करते हुए डीसी ऑफिस तक रैली निकाली जाएगी।
उपायुक्त मंडी के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। बैठक में मीडिया प्रभारी रूप सिंह, गोपाल शर्मा, चंद्रमणि शर्मा, जोगिंदर गुलेरिया और हेम सिंह आदि गण्यमान्य मौजूद रहे। संवाद