एनसीटीई के फैसले को चुनौती देने की तैयारी, छात्रों के हितों की रक्षा का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की ओर से वल्लभ राजकीय कॉलेज मंडी के बीएड कोर्स की मान्यता समाप्त किए जाने के मामले में अब कॉलेज प्रबंधन न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। प्रबंधन ने परिषद के फैसले को चुनौती देने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि एनसीटीई की ओर से बताई गई सभी कमियों को समय रहते पूरा कर लिया गया था। इसके बावजूद बीएड कोर्स की मान्यता रद्द कर दी गई, जिससे कॉलेज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और छात्रों का भविष्य भी प्रभावित हुआ है। प्रबंधन के अनुसार बीएड कोर्स की मान्यता बहाल कराने के लिए जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। उनका दावा है कि एनसीटीई के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेज और व्यवस्थाएं प्रस्तुत की गई थीं, बावजूद इसके कार्रवाई की गई, जो उचित नहीं है।
मान्यता समाप्त होने के बाद सरदार पटेल विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड प्रशिक्षुओं को अन्य संबद्ध कॉलेजों में स्थानांतरित होने की सलाह दी थी। इसके बाद सभी प्रशिक्षुओं का संबंधित कॉलेजों में स्थानांतरण कर दिया गया। इससे पहले प्रशिक्षुओं ने यह मामला शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया था। उस दौरान छात्रों के हितों की रक्षा का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी।
उच्च शिक्षा निदेशक के निर्देशों के बाद एसपीयू प्रशासन ने प्रशिक्षुओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की। अब कॉलेज प्रबंधन ने बीएड कोर्स की पुनर्बहाली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। कॉलेज प्रबंधन के सेल्फ फाइनेंस सचिव डॉ. हरीश चौहान ने बताया कि मामले में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी हैं। सभी बीएड प्रशिक्षु अन्य कॉलेजों में स्थानांतरित हो चुके हैं तथा बीएड कोर्स की पुनर्बहाली के लिए न्यायालय में जल्द याचिका दायर की जाएगी।