मिली जानकारी के अनुसार स्कूली छात्रा अनु रोजाना की तरह अपने नाना-नानी के घर मचकेहड़ से करीब एक किलोमीटर का पैदल सफर तय कर स्कूल पहुंचना था लेकिन स्कूल के करीब 400 मीटर दूर मौत खींच लाई। स्कूली छात्रा की दर्दनाक मौत के बाद स्कूल समेत समूचे उपमंडल में मातम पसर गया। प्रार्थना सभा स्थगित कर दी गई। स्कूल में मौजूद शिक्षकों ने प्रधानाचार्य मंजुला शर्मा की अगुवाई में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजंलि दी। सहपाठी छात्राएं फूट-फूट कर रोई। स्कूल की प्रधानाचार्य मंजुला शर्मा ने बताया कि पढ़ने में होशियार 11वीं कक्षा की छात्रा अनु शिक्षक बनने का सपना भी संजोए हुए थी।
परिवार की पलभर में छीन गई खुशियां मचकेहड़ में बीते कई वर्षों से अपने नाना-नानी के पास रहकर पढ़ाई कर रही 17 साल की अनु की सड़क हादसे में मौत ने परिवार की तमाम खुशियां भी पलभर में छीन ली। पिता पुनु राम, माता सिमरो देवी बेटी की मौत के बाद बेसुध हो गए हैं। वीरवार दोपहर बाद बेटी के अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा करते हुए मां-बाप रोते बिलखते हुए कई बार बेहोश भी हो गए।
छोटी बहन तबू ने बड़ी बहन की अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा किया और मुखाग्नि भी दी। बैजनाथ के गांव भेठ में स्थित मोक्षधाम में अनु को श्रद्धाजंलि देने के लिए काफी संख्या में स्थानीय लोग भी पहुंचे। एसडीएम मनीश चौधरी, तहसीलदार रजत सेठी ने सड़क हादसे में 17 साल की अनु की दुखद मौत पर शौक जताते हुए प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया है।