इंदिरा मार्केट के घंटाघर के नीचे खोले द मांडव बुक कैफे पर दोपहर एक बजे लगा ताला। संवाद
मंडी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंदिरा मार्केट के बीचोंबीच घंटाघर के नीचे खोला गया द मांडव बुक कैफे महिला सफाई कर्मचारी के सहारे है। बुक कैफे में अभी तक कॉफी की सुविधा भी नहीं है। पांच मार्च को महापौर वीरेंद्र भट्ट ने आयुक्त एचएस राणा की मौजूदगी में बुक कैफे जनता को समर्पित किया था। यहां बैठने के लिए फर्नीचर और पढ़ने के लिए किताबें भी रखी गई हैं, लेकिन 15 दिन बाद भी बेहद कम संख्या में वरिष्ठ नागरिक और अन्य यहां पहुंचे हैं।
जानकारी के अनुसार जिस महिला सफाई कर्मचारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, उसे सुबह 10ः30 बजे बुक कैफे को खोलने के बाद सफाई के कार्य भी निपटाने पड़ रहे हैं। ऐसे में सुबह 10ः30 से शाम 5 बजे तक ही बुक कैफे खुल रहा है। बुक कैफे के लिए जब तक स्थायी कर्मचारी तैनात नहीं होता तब तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
उधर, बुक कैफे के संचालन को लेकर नगर निगम वरिष्ठ नागरिकों की एक कमेटी बनाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही यहां पर बैठने लिए सालाना सदस्यता फीस भी तय करने की तैयारियां चल रही है। फिलहाल आचार संहिता लगने और आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण नगर निगम के लिए यहां स्थायी कर्मचारी रखना चुनौती बना हुआ है।
टाउन हाल पुस्तकालय में जल्द मिलेगी कैंटीन की सुविधा
नगर निगम की ओर से टाउन हाल में कुछ दिन पहले पुस्तकालय खोला है। यहां अध्ययन के लिए आने वालों को जल्द कैंटीन की सुविधा भी मिलेगी। अभी तक 10 विद्यार्थी सदस्यता लेने के बाद यहां अध्ययन के लिए पहुंच रहे हैं। वाई-फाई की सुविधा से युक्त पुस्तकालय में एक साथ 40 लोगों बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। पुस्तकालय में प्रवेश की रजिस्ट्रेशन फीस 100 रुपये सालाना है, जबकि हर माह 500 रुपये फीस तय की गई है।
नगर निगम की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण द मांडव बुक कैफे की सफाई कर्मचारी को ही जिम्मेदारी दी गई है। आचार संहिता खत्म होने के बाद बुक कैफे में चाय-कॉफी की सुविधा प्रदान की जाएगी।
-एचएस राणा, आयुक्त, नगर निगम मंडी