सोमवार सुबह दवाडा के पास पहाड़ी खिसकने से पूरी तरह से मनाली नेशनल हाईवे
बंद होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि
प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्ग बजौरा वाया कटौला-मंडी मार्ग से वाहनों को
भेजा गया। सिंगल मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ने से जगह-जगह जाम वाहन जाम में फंसे
रहे
मंडी से औट के बीच में नेशनल हाईवे बंद होने की स्थिति में कुल्लू
जाने के लिए एक मात्र मंडी-कटौला मार्ग ही है। वहीं हनोगी और थलौट के
बीच दवाडा के पास आंखों के सामने अचानक पहाड़ी गिरते देखने वालों की रूह
कांप उठी। हालांकि पहाड़ी गिरने से कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है।
नेशनल हाईवे पर कुल्लू और मंडी की ओर आने-जाने वाले वाहनों पर अगर मलबे और
पत्थरों की चपेट में आते तो बड़ा हादसा हो जाता। पहले पहाड़ी से पत्थर
गिरने शुरू हुई। जिससे एनएच के दोनों तरफ वाहन खड़े हो गए और लोग पत्थरों
के रुकने का इंतजार करने लगे। इतनी देर में एनएच के ऊपर से खड़ी पहाड़ी
भरभरा कर ब्यास नदी में जा गिरी। पत्थरों और मलबे से उठे धूल उड़ने से
नजदीक खड़े लोग दौड़ पड़े।
एनएच बहाल न होने पर दिल्ली से आए पर्यटक दीपक व
स्वाति, गोहर निवासी टेक चंद, मुराह निवासी लाल सिंह, रैंस निवासी चिरंजी
लाल ने बताया कि वे पहाड़ी के ऊपर से पैदल रास्ते से दूसरी तरफ पहुंचे।
पैदल चलने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा है। प्रशासन ने एनएच बंद बजौरा
वाया कटौला मंडी लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम लगा रहा।
पुलिस की ओर से ट्रैफिक सुचारु करने के लिए पुलिस जवान तैनात किए गए थे।
अतिरिक्त
जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने पहाड़ी खिसकने से बंद हुए राष्ट्रीय उच्च
मार्ग का मौके पर जाकर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मार्ग को शीघ्र खोलने
के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे शीघ्र ही एनएच आवाजाही को सामान्य
किया जा सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केसी राणा ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च
मार्ग के खुलने तक कुल्लू से मंडी तथा मंडी से कुल्लू की ओर आने-जाने वाले
वाहनों को अस्थायी तौर पर वाया कटौला मार्ग से चलाया जा रहा है। नेशनल
हाईवे विभाग के सहायक अभियंता कांशी राम गुलेरिया ने बताया कि शाम को एनएच
को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। जबकि बड़े वाहनों के लिए मंगलवार
तक एनएच को खोल दिया जाएगा।