निजी लैब और अस्पतालों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं मरीज
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में तीन दिन से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में तीन दिन से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना करीब 100 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल पहुंचते हैं। मशीन खराब होने से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में वर्तमान में एक ही रेडियोलॉजिस्ट तैनात है। ऐसे में उनके अवकाश पर जाने से रेडियोलॉजी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद होने का सीधा असर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की जानकारी के लिए अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर मशीन खराब होने की सूचना चस्पा की है।
सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को निजी लैब और अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे दाम पर जांच करवानी पड़ रही है।
पंडोह के लाला राम, पधर के नागेश्वर, बथेरी द्रंग की मणी देवी, बरोट के होशियार सिंह और रोशनी देवी ने बताया कि चिकित्सक की सलाह पर वे अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल पहुंचे थे लेकिन कक्ष के बाहर मशीन खराब होने की सूचना मिली। ऐसे में उन्हें मजबूरी में निजी लैब में जांच करवानी पड़ेगी।
क्षेत्रीय अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि मशीन की तकनीकी खराबी दूर करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन ठीक होने और रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने के बाद अल्ट्रासाउंड सुविधा बहाल कर दी जाएगी।