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Mandi News: विद्युत उत्पादन ठप होने से बस्सी-शानन परियोजना को करोड़ों का नुकसान

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जोगिन्द्रनगर बस्सी पावर हाउस   संवाद
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जोगेंद्रनगर (मंडी)। क्षेत्र में चल रहीं पंजाब की 110 मेगावाट शानन परियोजना और हिमाचल राज्य की 66 मेगावाट बस्सी पन विद्युत परियोजना में अचानक विद्युत उत्पादन ठप होने से परियोजना प्रबंधन को लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ है। परियोजना प्रबंधन को प्रतिदिन 80 लाख के राजस्व की चपत लग रही है। कुछ दिन से पावर हाउस की 15 मेगावाट की तीन और 50 मेगावाट की एक मशीन में विद्युत उत्पादन न होने से पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड को करोड़ों का नुकसान पहुंचा है। बस्सी परियोजना में भी विद्युत उत्पादन में गिरावट होने से राजस्व को बड़ा झटका लगा है। दोनों महत्वाकांक्षी विद्युत परियोजना में बिजली की आपूर्ति न होने से हिमाचल और0 पंजाब राज्य में विद्युत संकट भी गहरा गया है। 132 केवी के सब स्टेशन कांगड़ा और मारंडा के ग्रिड में बिजली की आपूर्ति क्षमता के अनुरूप न होने से आने वाले दिनों में बिजली के अघोषित कटों भी संभावना बढ़ गई है।
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16.4 क्यूसिक फीट की बरोट स्थित रेजर वायर में अचानक पानी की गिरावट से जोगिंद्रनगर उपमंडल की दो महत्वाकांक्षी पन विद्युत परियोजना में उत्पादन गिर गया है। सालाना ढाई सौ करोड़ रुपये की आमदनी जुटाने वाली पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड की शानन स्थित पन विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन करीब 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। यहां पर 15 मेगावाट की चार और 50 मेगावाट की एक मशीन 110 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता था, लेकिन इन दिनों बड़ी मुश्किल से 30 से 35 मेगावाट ही विद्युत उत्पादन हो रहा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी से परियोजना की रेजर वायर में पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से 66 मेगावाट बस्सी विद्युत परियोजना में भी विद्युत उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यहां पर पानी की प्रचुर मात्रा में 15 लाख 84 हजार यूनिट तक विद्युत उत्पादन हुआ करता था जो कि अब 15 मेगावाट तक सिमट चुका है। इस परियोजना में पानी की प्रचुर मात्रा होने पर सालाना सौ करोड़ करोड़ रुपये की आमदनी होती थी जो इन दिनों लाखों में सिमट चुकी है। अचानक रेजर वायर में पानी की गिरावट के चलते लाखाें-करोड़ों की चपत से दोनों परियोजना प्रबंधन स्तब्ध हैं। उधर, इस बारे में शानन परियोजना के आरई सतीश कुमार ने बताया कि बरोट स्थित परियोजना की रेजरवायर में पानी की गिरावट के चलते विद्युत उत्पादन में गिरावट आई है।
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