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छोटी काशी में नहीं निकाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

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मंडी। छोटी काशी मंडी में कोरोना के चलते एक बार फिर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा नहीं निकल सकी। रथ यात्रा के न निकले से 1679 से चली आ रही परंपरा फिर टूट गई है। भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद और रथ खींचने का इंतजार कर रहे भक्तों को मायूस होना पड़ा। 12 जुलाई को जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जानी थी। कोरोना के चलते इसे स्थगित कर दिया गया।
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सोमवार को जगन्नाथ मंदिर में सुबह भगवान का शृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। कुछ भक्तों ने मंदिर में भजन-कीर्तन कर मंदिर की परिक्रमा कर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की रस्म निभाई। मंडी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा वृंदावन की तर्ज पर निकाली जाती थी। मंदिरों को खोलने की छूट प्रदेश सरकार ने दे दी है लेकिन तैैयारियां पूरी नहीं हो पाईं। इस कारण सूक्ष्म तरीके से रस्म निभाई गई।
मंदिर के पुजारी वेद दास ने बताया कि मंदिर में भागवत का आयोजन होता था, लेकिन कोरोना बंदिशों में देरी से छूट मिलने के कारण कोई भी तैयारी नहीं हो सकी। इस कारण भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा मंदिर की परिक्रमा कर ही निभाई गई।
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वर्ष 1679 में हुई थी भगवान जगन्नाथ मंदिर की स्थापना
शिवनगरी मंडी में स्थित जगन्नाथ मंदिर की स्थापना वर्ष 1679 में हुई थी। मंदिर में रखी काष्ठ की मूर्तियों को ओड़ीसा से लाया गया है। कहा जाता है कि इनकी पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। भगवान जगन्नाथ महोत्सव हर वर्ष मनाया जाता है लेकिन इस बार कोराना के साये के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। हजारों लोग सड़कों पर उतरकर भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर आशीर्वाद प्राप्त करते थे। जगन्नाथपुरी से पंडितों को बुलाकर रथ तैयार किया जाता था।
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